सागौन एवं हल्दू की लकड़ी का अवैध परिवहन करते ट्रैक्टर जप्त, राजसात की प्रक्रिया प्रारंभ
• वन तस्करों के विरुद्ध वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
रिपोर्टर✒️कमलेश सिंह
कवर्धा । छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कवर्धा परियोजना मंडल अंतर्गत वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही सतत कार्रवाई के तहत सफलता प्राप्त हुई है। वन विकास निगम के पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर सर्किल क्षेत्र में गश्त के दौरान अवैध रूप से वनोपज परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर वाहन सहित कीमती लकड़ी जप्त की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 06 मार्च 2026 को रात्रि लगभग 11.45 बजे पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर सर्किल अंतर्गत संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पीएफ/1467 में गश्त के दौरान वन विकास निगम की टीम ने डालामौहा से भेड़ागढ़ बैगापारा जाने वाले कच्चे मार्ग पर एक बिना नम्बर प्लेट के ट्रैक्टर को संदिग्ध अवस्था में आते देखा। घेराबंदी कर वाहन की तलाशी लेने पर ट्रैक्टर में राष्ट्रीयकृत वनोपज सागौन एवं हल्दू की लकड़ी भारी मात्रा में लदी हुई पाई गई, जिसका परिवहन बिना वैध दस्तावेज के किया जा रहा था। इस पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), 41, 42 तथा छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के प्रावधानों के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18353/12, 06 मार्च 2026 दर्ज कर वाहन सहित वनोपज जप्त किया गया।
जप्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है
प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 नग स्वराज ट्रैक्टर, अनुमानित मूल्य लगभग 7.50 लाख रुपये, सागौन लठ्ठा एवं बल्ली 4 नग (लगभग 0.128 घन मीटर), हल्दू लठ्ठा एवं बल्ली 12 नग (लगभग 0.289 घन मीटर), अन्य लठ्ठा एवं बल्ली लगभग 0.250 घन मीटर सभी वनोपज का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 40,000 रुपये आंका गया है।
राजसात की प्रक्रिया प्रारंभ
मंडल प्रबंधक कवर्धा परियोजना मंडल ने बताया कि उक्त प्रकरण की सूचना प्राप्त होते ही परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया द्वारा प्राधिकृत अधिकारी एवं उपमंडल प्रबंधक, कवर्धा को अवगत कराया गया। तत्पश्चात माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को सूचना प्रेषित करते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52(4) के अंतर्गत जप्त वाहन को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही वाहन जप्ती की सूचना क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी प्रेषित कर दी गई है, ताकि वाहन का क्रय-विक्रय अथवा हस्तांतरण न किया जा सके। यह संपूर्ण कार्रवाई सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक, कवर्धा परियोजना मंडल के निर्देशन तथा दीपिका सोनवानी, उपमंडल प्रबंधक बोड़ला के मार्गदर्शन में जागेश गोंड, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया, रंजीत कुमार पटेल सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, जसपाल सिंह मरकाम क्षेत्ररक्षक एवं स्थानीय सुरक्षा श्रमिकों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। वन विकास निगम, कवर्धा परियोजना मंडल ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, परिवहन अथवा किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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