पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण: डीआईजी रजनेश सिंह ने ली परेड, जवानों से सीधा संवाद कर सुनी समस्याएं
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
बिलासपुर। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (आईपीएस) ने 13 मार्च 2026 को पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परेड, पुलिस संसाधनों, शाखाओं के कार्य और पुलिस कर्मियों की समस्याओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला पुलिस बिलासपुर के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस जवान उपस्थित रहे।

परेड में टर्नआउट और ड्रिल का किया गया निरीक्षण
वार्षिक निरीक्षण के दौरान डीआईजी रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली। परेड के दौरान अधिकारियों और जवानों के टर्नआउट, स्क्वाड ड्रिल, मार्चपास्ट, शस्त्र अभ्यास और बलवा ड्रिल का निरीक्षण किया गया।
परेड में राजपत्रित अधिकारी 11, निरीक्षक 17, उप निरीक्षक 16, सहायक उप निरीक्षक 16, प्रधान आरक्षक 42, आरक्षक 178 और महिला आरक्षक 46 सहित कुल 326 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
इस दौरान जिन अधिकारियों और कर्मचारियों का टर्नआउट उत्कृष्ट पाया गया, उनकी सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया। वहीं जिनका टर्नआउट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था, उन्हें अनुशासनात्मक रूप से दंडित भी किया गया।
परेड में स्क्वाड ड्रिल, सलामी शस्त्र, दिशा परिवर्तन, बलवा नियंत्रण अभ्यास और फायरिंग अभ्यास भी कराया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों को भी सम्मानित किया गया।

पुलिस सम्मेलन में जवानों से किया सीधा संवाद
परेड के बाद डीआईजी और एसएसपी ने पुलिस सम्मेलन आयोजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जवानों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए तत्काल आवश्यक निर्देश दिए।
सम्मेलन में स्वास्थ्य, स्थानांतरण, वेतन, सेवा और आवास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पुलिस कर्मियों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाए।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों से कराया अवगत
बैठक में पुलिस मुख्यालय और रेंज मुख्यालय से जारी आदेशों एवं निर्देशों की जानकारी भी अधिकारियों और कर्मचारियों को दी गई। डीआईजी रजनेश सिंह ने पुलिसिंग में मोबाइल पेट्रोलिंग, सतर्कता, जवाबदेही, पारदर्शिता, अनुकूलनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से जनसंपर्क बढ़ाने, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने, महिला एवं बाल सुरक्षा के मामलों में संवेदनशीलता से कार्य करने तथा नशे के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बीट सिस्टम को मजबूत करने पर जोर
डीआईजी ने कहा कि बीट प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करना बेहद जरूरी है। इससे पुलिस की अपने क्षेत्र में सक्रियता और उपस्थिति बढ़ती है तथा आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को बीट सिस्टम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अनुभव एप और सशक्त एप के माध्यम से चोरी की लगभग 20 से अधिक वाहन बरामद किए जा चुके हैं। इन तकनीकी माध्यमों से पुलिस को थानों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी मिल रही है।
पुलिस लाइन की शाखाओं का भी किया निरीक्षण
इसके बाद डीआईजी ने पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर वहां चल रहे कार्यों की समीक्षा की। शाखाओं का कार्य संतोषजनक पाया गया। उन्होंने संसाधनों के रखरखाव, मरम्मत और समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संसाधनों और वाहनों से पुलिस को किया जा रहा सशक्त
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि जिला पुलिस को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। बलवा नियंत्रण के लिए नई सुरक्षा सामग्री और उपकरण खरीदे गए हैं, जिससे लगभग 1000 जवानों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।
इसके अलावा पुलिस बल को मजबूत बनाने के लिए 16 बोलेरो हल्के वाहन, 2 मध्यम मालवाहक ट्रक और 1 बस भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे थाना-चौकी स्तर पर पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
पुलिस कर्मियों के लिए बनेंगे नए आवास
पुलिस कर्मियों की सुविधा के लिए 108 नए पुलिस क्वार्टर स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कर्मचारियों को आवास सुविधा का लाभ मिलेगा।
डीआईजी रजनेश सिंह ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया तथा अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ पुलिसिंग करने पर जोर दिया।

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