निर्माण श्रमिक सहायता योजना में फर्जीवाड़े के आरोप निराधार: श्रम विभाग

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वक्तव्य

यह कहना सही है कि छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक के सामान्य मृत्यु पर एक लाख रूपये, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर पांच लाख रूपये, कार्य स्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर दो लाख पचास हजार रुपये एवं अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्य स्थल में दुर्घटना से मृत्यु होने पर एक लाख रूपये की सहायता राशि प्रदाय की जाती है। यह कहना सही नहीं है कि फर्जी हितग्राहियों एवं श्रम विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की मिली भगत से विगत दो वर्षों से इसमें फर्जीवाड़ा कर शासन को वित्तीय हानि पहुंचायी जा रही है. अपितु आवेदक द्वारा ऑनलाईन आवेदन के साथ प्रस्तुत अभिलेखों के जांच एवं सत्यापन उपरांत योजनांतर्गत लाभांवित किया जाता है।

यह सही है कि माननीय उपाध्यक्ष, जिला पंचायत जांजगीर-चांपा द्वारा कलेक्टर जिला-जांजगीर-चांपा को पत्र क्रमांक 04 दिनांक 02.03.2026 प्रेषित कर फर्जीवाड़ा की जांच कर कार्यवाही करने की मांग की गई, जिसमें एक महिला श्रमिक की मृत्यु दिनांक 27.11.2024 को होना परन्तु इनके पंजीयन के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में दिनांक 04.12.2024 को आवेदन किया जाना, जिसमें दिनांक 02.06.2025 को मृत्यु दिखाया गया और दिनांक 09.12.2024 को पंजीयन कर पंजीयन नंबर जारी करके दिनांक 17.09.2025 को एक लाख रूपये संबंधित कर्जी हितवाही के खाते में ट्रांसफर किये जाने का उल्लेख था। उका शिकायत की जांच कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा तहसीलदार बम्हनीडीह के माध्यम से कराया गया। तहसीलदार बम्हनीडीह के जांच प्रतिवेदन में सुमन बाई पटेल की मृत्यु दिनांक 02.06.2025 को होना संदेहास्पद पाये जाने पर कार्यालय कलेक्टर, जांजगीर-चांपा के ज्ञापन दिनांक 15.03.2026 द्वारा श्रम पदाधिकारी जांजगीर चांपा को संबंधितों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर वैधानिक कार्यवाही किये जाने निर्देशित किया गया।

यह उल्लेखनीय है कि पंजीकृत मृतक निर्माण श्रनिक के पति श्री अशोक पटेल के द्वारा दिनांक 04.07.2025 को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजनांतर्गत लाभहेतु श्रम विभागीय पोर्टल में ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों में रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) ग्राम पंचायत बिर्ग, तहसील बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चाषा (छ.ग.) के द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में पंजीकृत निर्माण श्रमिक के मृत्यु की तिथि दिनांक 02.06.2025 थी। क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक द्वारा उक्त ऑनलाईन आवेदन में प्रस्तुत अभिलेखों का परीक्षण एवं दिनांक 03.08.2025 को स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन में ग्राम पंचायत सचिव एवं गवाहों के उपस्थिति में मृत्यु प्रमाण-पत्र में उल्लेखित मृत्यु तिथि एवं अन्य दस्तावेज सहीं पाये जाने के कारण योजना आवेदन स्वीकृत करते हुए दिनांक 17.09.2025 को आवेदक श्री अशोक पटेल के खाते में राशि हस्तांतरित की गई। अतः यह कहना सही नहीं है कि श्रम पदाधिकारी व श्रम निरीक्षकों द्वारा अभिलेखों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया है।

यह कहना सही नहीं है कि इस प्रकार का फर्जीवाड़ा पूरे प्रदेश में संगठित रूप से चल रहा है और इसमें श्रम विभाग के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता है। यह कहना भी सही नहीं है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में इस प्रकार के भ्रष्टाचार के कारण शासन को वित्तीय हानि हो रही है तथा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सांठ-गांठ और भ्रष्टाचार के कारण आमजनों में शासन एवं प्रशासन के प्रति रोष एवं आक्रोश व्याप्त है।

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