अमरकंटक नर्मदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर प्रज्ज्वलित हुईं 82 अखंड ज्योतियां
प्रत्येक घृत ज्योति के लिए श्रद्धालुओं द्वारा ₹2500 की रसीद कटवाई गई ।
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में चैत्र नवरात्रि एवं गुड़ी पड़वा का विशेष महत्व माना जाता है । इस पावन दिन से सभी शुभ कार्यों का आरंभ होता है । चैत्र मास की नवरात्रि में घरों , मंदिरों एवं देवस्थानों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां भगवती का पाठ किया जाता है जबकि आश्विन मास की नवरात्रि अधिक भव्य रूप में मनाई जाती है ।
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च से प्रारंभ होकर 27 ये मार्च 2026 राम नवमी तक मनाया जाएगा । इस दौरान नर्मदा मंदिर में कलश स्थापना की गई और विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न कर घृत की ज्योतियां प्रज्ज्वलित की गईं ।
पूजन का कार्य पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी द्वारा संपन्न कराया गया । साथ ही कलशों में जवारे बोए गए । नर्मदा उद्गम ट्रस्ट के सहयोग से श्रद्धालुओं , पर्यटकों एवं नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अखंड घृत ज्योति जलवाई ।
ट्रस्ट से जुड़े गणेश पाठक ने बताया कि प्रत्येक घृत ज्योति के लिए ₹2500 की रसीद निर्धारित है । पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दो ज्योतियों की वृद्धि दर्ज की गई है ।
हालांकि स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा का विषय रहा कि चैत्र नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर मंदिर परिसर में साज-सज्जा एवं लाइटिंग की व्यवस्था नहीं की गई । श्रद्धालुओं का मानना है कि प्रशासन को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए जिससे इस पावन पर्व की भव्यता और अधिक बढ़ाई जा सके ।


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