केरल के मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक का छत्तीसगढ़ दौरा, राज्य अतिथि के रूप में हुआ भव्य एवं आत्मीय स्वागत
रायपुर । केरल के मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक के छत्तीसगढ़ प्रवास ने राजधानी रायपुर में एक विशेष और भावुक वातावरण का निर्माण कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उन्हें राज्य अतिथि का दर्जा प्रदान किया गया, जो उनके प्रशासनिक योगदान और राज्य से उनके गहरे जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड कार्यालय में उनके स्वागत के दौरान वर्षों बाद अपने पुराने सहकर्मियों और कार्यस्थल से मिलकर वे स्पष्ट रूप से भावविभोर नजर आए।
यह अवसर केवल एक औपचारिक दौरा नहीं रहा, बल्कि अतीत की यादों, प्रशासनिक अनुभवों और आत्मीय संबंधों का एक जीवंत संगम बन गया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया, उसने पूरे आयोजन को पारिवारिक माहौल में बदल दिया।

उल्लेखनीय है कि केरल कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. जयतिलक ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के शुरुआती वर्षों (2002 से 2004) के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में प्रबंध संचालक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी। उस समय राज्य नवगठित था और पर्यटन क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की चुनौती थी। ऐसे समय में उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने पर्यटन विकास की ठोस नींव रखी।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न केवल टूरिज्म बोर्ड की संस्थागत स्थापना को मजबूत किया, बल्कि दीर्घकालिक विकास योजनाओं का निर्माण, निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के बीच समन्वय, तथा पर्यटन स्थलों के सुनियोजित विकास जैसे कई महत्वपूर्ण पहल किए। उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ पर्यटन को एक नई पहचान मिली।
विशेष रूप से राज्य की प्रसिद्ध टैगलाइन “Chhattisgarh Full Of Surprises” का सृजन उनके मार्गदर्शन में हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अलग पहचान दिलाई। इसके साथ ही पर्यटन साहित्य, प्रचार-प्रसार सामग्री और ब्रांडिंग के क्षेत्र में भी उनके योगदान को मील का पत्थर माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक क्षण तब आया जब डॉ. जयतिलक के आमंत्रण पर उनके साथ कार्य कर चुके वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। इनमें पूनम शर्मा, मुकुंद ठाकुर, पंकज सेन भौमिक, एस.एस. पाठक, दिलीप आचार्य, रमाशंकर दुबे, विजय परमार, विवेक अग्रवाल, प्रमील वर्मा, सी.एम. शर्मा, रघुवीर अहिरवार, जतीश मूले, छाया श्रीवास्तव, रजनीश, जसप्रीत भाटिया, ऋषि सेन और सौमिक डे सहित अनेक अधिकारी शामिल रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए उस दौर की कार्यशैली, चुनौतियों और उपलब्धियों को याद किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बोर्ड की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की उपलब्धियों, राजस्व में हुई वृद्धि, विभिन्न विकास योजनाओं, पर्यटन सर्किट्स के विस्तार और भविष्य की रणनीतियों की जानकारी दी। प्रस्तुति में यह भी बताया गया कि किस प्रकार राज्य ने बीते वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।

प्रस्तुति को देखने के बाद डॉ. जयतिलक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन जिस गति से आगे बढ़ रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक दिशा में निरंतर प्रगति करने वाला क्षेत्र बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिताया गया समय उनके प्रशासनिक जीवन के सबसे संतोषजनक और यादगार अनुभवों में से एक रहा है। यहां के लोगों की सादगी, सहयोग और कार्य के प्रति समर्पण ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि नवगठित राज्य में काम करना चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन टीमवर्क और सकारात्मक सोच के कारण कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की जा सकीं।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

यह आयोजन केवल एक औपचारिक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि प्रशासनिक समर्पण, स्मृतियों और मानवीय रिश्तों का ऐसा संगम था, जिसने सभी उपस्थित लोगों को भावुक और प्रेरित किया।

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