Advertisement Carousel

बिजली की अव्यवस्था से जनजीवन अस्त-व्यस्त

0
IMG_20260502_070603_991

मेंटेनेंस के नाम पर घंटों कटौती, ग्रामीण अंचल में हालात बदतर, उपभोक्ताओं में बढ़ा आक्रोश

मुंगेली। जिले में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक लगातार हो रही बिजली की आवाजाही ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। मेंटेनेंस और लोड शेडिंग के नाम पर रोजाना 3 से 4 घंटे तक बिजली बंद रखी जा रही है, जबकि कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के भी घंटों कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।

नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ट्यूबवेल के माध्यम से की जाती है, लेकिन बिजली की अनियमितता के कारण जल संकट भी गहराने लगा है। ट्यूबवेल होने के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। वहीं वोल्टेज के लगातार उतार-चढ़ाव से घरों में लगे बिजली उपकरण भी खराब हो रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बाजार क्षेत्र में घंटों अंधेरा

नगर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र गोल बाजार और सदर बाजार में हाल ही में दोपहर 3:30 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित रही, जो देर शाम करीब 7:30 बजे बहाल हो सकी। हालांकि कुछ ही देर बाद फिर से बिजली गुल हो गई। लगातार कटौती से व्यापारी वर्ग खासा परेशान है। दुकानदारों को अंधेरे में काम करना पड़ा और कई ने बिजली विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का त्वरित समाधान नहीं मिल सका।

ग्रामीण अंचल में स्थिति और गंभीर

ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी खराब हैं। यहां 24 घंटे में महज 6 से 8 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है। कई गांवों में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद भी सप्ताहों तक सुधार नहीं किया जा रहा, जिससे ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई, पेयजल और दैनिक जीवन से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

लो-वोल्टेज से बढ़ी परेशानी

शहर के सोनार पारा और मोहम्मद बशीर खां वार्ड में लो-वोल्टेज की समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार पिछले कई दिनों से वोल्टेज कम-ज्यादा होने के कारण पंखे, कूलर और अन्य उपकरण सही ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य के चलते अस्थायी रूप से बिजली बंद की जाती है।

व्यापार पर पड़ा प्रतिकूल असर

बिजली कटौती का सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है। इन दिनों शादी का सीजन चल रहा है, ऐसे में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, गन्ना रस जैसे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। बिजली पर निर्भर छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी लगातार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।

संसाधनों की कमी बनी समस्या

सोनार पारा क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। लंबी लाइन के कारण अंतिम छोर तक वोल्टेज प्रभावित हो रहा है। वहीं सदर बाजार में अतिक्रमण के चलते बिजली लाइनें भी बाधित हो रही हैं। विभाग में सर्किट बॉक्स, फ्यूज तार और अन्य आवश्यक उपकरणों की कमी भी उजागर हो रही है, जिससे समय पर मरम्मत कार्य नहीं हो पा रहा।

सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन

बिजली की अव्यवस्था से नाराज उपभोक्ताओं ने शासन-प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। जिले में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली संकट ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है और लोगों में विभाग के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!