दहशत का अंधेरा हटा, तो गोगुण्डा के ग्रामीणों को मिली स्वास्थ्य की रोशनी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दूरस्थ गांवों तक पहुँचीं स्वास्थ्य सेवाएं
सुकमा की बदलती तस्वीर को बयां करता है स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार: श्याम बिहारी जायसवाल
गोगुण्डा के 10 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन
रायपुर । सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की साझा प्रतिबद्धता से सुकमा जिले के सुदूर और कभी नक्सल प्रभावित रहे गोगुण्डा गांव में उम्मीद का एक नया सवेरा हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय सुकमा ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

गोगुण्डा के 10 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। इस सफल सर्जरी के जरिए इन ग्रामीणों के जीवन के अंधेरे को दूर कर उन्हें नई दृष्टि का अनमोल उपहार दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली का बेहतरीन उदाहरण है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद दुर्गम गांवों में पहुंचकर घर-घर सर्वे कर रही हैं और मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान कर रही हैं। इसके बाद, मरीजों को पूरे सम्मान के साथ विशेष वाहनों से जिला चिकित्सालय लाया जाता है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका निःशुल्क इलाज होता है। ऑपरेशन के बाद भी मरीजों को डॉक्टरों की सख्त निगरानी में रखा जाता है और पूरी तरह स्वस्थ होने पर रविवार को उन्हें सकुशल उनके घरों तक वापस पहुँचाया गया।
स्वस्थ बस्तर के इस अभियान में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों के सम्मान और आत्मीयता का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अस्पताल से छुट्टी के दौरान मरीजों का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें फल वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, डिस्चार्ज हुए मरीजों और उनके परिजनों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आस-पड़ोस के अन्य मोतियाबिंद पीड़ितों को भी इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाएँ। यह भावुक अपील अब एक जन-जागरूकता अभियान का रूप ले रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद इलाज से वंचित न रहे।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि कभी विकास की मुख्यधारा से कटे इन सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार सुकमा की बदलती तस्वीर को बयां करता है। नक्सल गतिविधियों में आई भारी कमी के बाद, अब शासन की कल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं सीधे गांव-गांव तक बिना किसी बाधा के पहुँच रही हैं।
इस संवेदनशील पहल ने न केवल जरूरतमंद नागरिकों को बहुत बड़ी राहत दी है, बल्कि अब ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर भटकना भी नहीं पड़ रहा है। यह सफलता सुकमा में आ रहे सकारात्मक बदलाव और सुशासन की एक बुलंद मिसाल है।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

