संघर्ष से मुस्कान तक: समय पर मिली खाद-बीज सहायता से बदली किसान रोमन लाल की जिंदगी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के किसान हितैषी प्रयासों ने जगाई नई उम्मीद, खेती की तैयारी हुई आसान
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित योजनाएं और मजबूत सहकारी व्यवस्था प्रदेश के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसका एक प्रेरक उदाहरण मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के ग्राम पोंड़ीडीह निवासी किसान रोमन लाल हैं, जिनके लिए समय पर उपलब्ध कराई गई खाद और बीज ने न केवल खेती की चिंता दूर की, बल्कि उनके परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी नया संबल दिया है।
करीब 0.300 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करने वाले रोमन लाल सीमित संसाधनों के बावजूद अपने परिवार का भरण-पोषण खेती से करते हैं। हर वर्ष खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खाद और बीज की व्यवस्था उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाती थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कभी महंगे दामों पर कृषि सामग्री खरीदनी पड़ती थी, तो कभी उधार का सहारा लेना पड़ता था। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ जाता था।
इस खरीफ सीजन में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, खड़गवां के माध्यम से उन्हें समय पर यूरिया, डीएपी, पोटाश और प्रमाणित धान बीज उपलब्ध कराए गए। आवश्यक कृषि सामग्री समय पर मिलने से उनकी खेती की तैयारियां सुचारु रूप से पूरी हो सकीं और बुआई को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई।
रोमन लाल बताते हैं कि पहले खेती शुरू होने से पहले खाद-बीज की व्यवस्था सबसे बड़ी चिंता होती थी, लेकिन इस बार समय पर मिली सहायता से उन्हें राहत मिली है। अब वे पूरी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ खेतों में काम कर रहे हैं और अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे हैं। उनका मानना है कि बेहतर उत्पादन से परिवार की जरूरतें पूरी होंगी और बच्चों की शिक्षा व भविष्य को भी मजबूती मिलेगी।
वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित किसान हितैषी योजनाओं और सहकारी संस्थाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहते हैं कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए ऐसी सुविधाएं किसी संबल से कम नहीं हैं। समय पर मिलने वाली कृषि सामग्री किसानों को आर्थिक चिंताओं से मुक्त कर खेती पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर देती है।
रोमन लाल की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी क्रियान्वयन के साथ अंतिम छोर तक पहुंचती हैं, तो उनका असर केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे लोगों के जीवन में विश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा का संचार करती हैं। आज उनके खेतों में बोए जाने वाले बीज केवल फसल के नहीं, बल्कि एक बेहतर कल, खुशहाल परिवार और समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बीज हैं। यही सुशासन और किसान कल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का वास्तविक प्रतिफल है।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

