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बीट प्रणाली से खुला सात भैंसों की चोरी का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

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80 हजार रुपये में बेच दी थीं भैंसें, 30 हजार रुपये नगद बरामद

फरार खरीदार की तलाश जारी, आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

मुंगेली। चिल्फी थाना क्षेत्र के डिंडोरी चौकी अंतर्गत सात भैंसों की चोरी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बीट प्रणाली के तहत की गई जांच में चोरी का खुलासा हुआ और आरोपियों के कब्जे से बिक्री राशि में से 30 हजार रुपये नगद बरामद किए गए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम डिंडोरी निवासी अशोक कुमार यादव ने 6 जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी सात भैंसों को गांव के तालाब के पास चरने के लिए छोड़ा था, लेकिन शाम तक भैंसें वापस नहीं लौटीं। शिकायत पर पुलिस ने गुम मवेशी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में चिल्फी पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम दयाली नवागांव निवासी संतराम डहरिया और महेश डहरिया ने भैंसों को अपना बताकर औरापानी क्षेत्र की ओर भिजवाया था।

पुलिस ने पूछताछ के दौरान बलराम यादव और रविंद्र यादव से जानकारी जुटाई। दोनों ने बताया कि उन्हें संतराम और महेश डहरिया ने भैंसों को नवागांव से औरापानी तक ले जाने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में महेश डहरिया और संतराम डहरिया ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने सातों भैंसों को लगभग 80 हजार रुपये में गुड्डा उर्फ असलम खान, निवासी सेलवार जिला डिंडोरी (मध्यप्रदेश) को बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से बिक्री राशि में से 30 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं फरार आरोपी गुड्डा उर्फ असलम खान की तलाश जारी है।

कार्रवाई में निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्र, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक केसो राम, सहायक उपनिरीक्षक मनकराम ध्रुव, कुंदन राजपूत, प्रधान आरक्षक श्याम डहरिया, बलदेव राजपूत तथा आरक्षक नागेश साहू और पवन गंधर्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशी चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

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