NTPC World Environment Day

NEET Re Exam के प्रश्न पत्र अब अब Mi-17 हेलीकॉप्टरों से पहुंचेंगे परीक्षा सेंटर्स, एयरफोर्स संभालेगी कमान

0
6-17

नई दिल्ली । नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय आगामी नीट री-एग्जाम को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस बार परीक्षा की सुरक्षा को अभेद्य किला बनाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) को मैदान में उतारा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के गोपनीय प्रश्न पत्रों को देश के कोने- कोने में बने सेंटर्स तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वायुसेना के कंधों पर है।

इस महाप्लान के तहत IAF के Mi-17 हेलीकॉप्टरों और अन्य विशेष सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि एयरफोर्स की मदद लेने का यह ऐतिहासिक फैसला हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया था, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में परिंदा भी पर न मार सके।

18 सीक्रेट लोकेशन से सीधे सेंटर्स तक पहुंचेंगे प्रश्न पत्र

आगामी परीक्षा को लेकर तैयारियों का खाका तैयार कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना देश के 18 अलग-अलग निर्धारित और बेहद संवेदनशील स्थानों से प्रश्न पत्रों के सील्ड पैकेट्स को उठाएगी। इन पैकेट्स को सीधे मुख्य परीक्षा केंद्रों और डिस्ट्रीब्यूशन हब तक सुरक्षित डिलीवर किया जाएगा। इस पूरी कवायद का एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) के दौरान किसी भी स्तर पर पेपर लीक या सुरक्षा में चूक की रत्ती भर भी गुंजाइश न बचे।

परीक्षा खत्म होने तक पूरी दुनिया से कटे रहेंगे पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स

इस बार सिर्फ लॉजिस्टिक्स ही नहीं, बल्कि पेपर सेट करने वालों की सुरक्षा और गोपनीयता पर भी कड़ा पहरा है। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, ट्रांसलेटर्स और परीक्षा से जुड़े कोर स्टाफ को एक अज्ञात और बेहद सुरक्षित सीक्रेट लोकेशन पर भेज दिया गया है, जहां वे पूरी तरह ‘लॉकडाउन’ में रहेंगे। 21 जून को परीक्षा समाप्त होने तक इन सभी कर्मचारियों का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कटा रहेगा। इस दौरान उनके मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य सभी प्रकार के डिजिटल गैजेट्स के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

लीक विवाद के बाद 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर

गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ का आयोजन पहले 3 मई को किया गया था, जिसमें 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। लेकिन 7 मई को एक सैंपल पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया, जिसके सवाल मुख्य परीक्षा से हूबहू मेल खा रहे थे। जांच में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने कड़ा फैसला लेते हुए 3 मई की परीक्षा को रद्द कर दिया था। अब आगामी 21 जून को दोबारा होने जा रही इस परीक्षा में एक बार फिर 22 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल होने जा रहे हैं, जिसके सफल आयोजन पर सरकार की साख टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!