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सुरक्षित मातृत्व की ओर सशक्त कदम: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण, 33 गर्भवती महिलाओं की हुई विशेष जांच

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मुंगेली/पदमपुर। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में विशेष प्रसव पूर्व जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 33 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा (शुगर) सहित विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। जांच के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर संबंधित महिलाओं को विशेष चिकित्सकीय सलाह एवं आवश्यक उपचार के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शिविर में उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, समय पर टीकाकरण करवाने तथा संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही नवजात शिशुओं की देखभाल, स्तनपान के महत्व और प्रसव के बाद मां एवं बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई।

हर माह मिलती है निःशुल्क जांच और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा

इस अवसर पर डॉ. मनीष बंजारा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है। इसके तहत प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को शासकीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), आवश्यक दवाइयां तथा विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।

उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलती है।

स्वस्थ मां से ही बनता है स्वस्थ समाज

डॉ. मनीष बंजारा ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य किसी भी समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कहा,

“एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और समय पर चिकित्सा परामर्श से अनेक जटिलताओं को रोका जा सकता है। सुरक्षित मातृत्व केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार की खुशहाली और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकल्प है।”

अभियान का लाभ लेने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि वे नियमित रूप से प्रसव पूर्व जांच कराएं और प्रत्येक माह आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ उठाएं। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श से गर्भावस्था संबंधी जोखिमों को कम किया जा सकता है तथा सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह शिविर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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