भारत की आत्मा का एक सुंदर हिस्सा है छग – महावाणिज्य दूत श्रीकर रेड्डी
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका)। यह दिन केवल एक राज्य के निर्माण का स्मरणोत्सव नहीं है , बल्कि यह ‘एकता का पर्व’ है। इन समारोहों को मनाने का महत्व यह है कि हम सब एकजुट हों। ये आयोजन हमें हमारी साझा विरासत और विविधता में एकता की याद दिलाते हैं। छत्तीसगढ़ अपनी जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ , भारत की आत्मा का एक सुंदर हिस्सा है। एक साथ आकर इस दिन को मनाने से विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच सौहार्द और राष्ट्रीय भावना मजबूत होती है।

उक्त बातें भारतीय दूतावास के महावाणिज्य दूत डॉ० के० श्रीकर रेड्डी ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस” उत्सव समारोह को मुख्य अतिथि के आसंदी से संबोधित करते हुये कही। उन्होंने अपने संबोधन से दर्शकों को प्रेरित करते हुये मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की पृष्ठभूमि और कारणों पर भी प्रकाश डाला। यह समारोह विदेशी धरती पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति , जीवंत परंपरा और अनूठी लोक-कला को एक नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बना। इस भव्य आयोजन में ना केवल भारतीय मूल के लोग बल्कि कई अमेरिकी नेता भी उपस्थित रहे। नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) के बे एरिया चैप्टर ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हुये छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। नाचा बे एरिया चैप्टर की अध्यक्ष पूजा महतो के नेतृत्व में एक अत्यंत आकर्षक छत्तीसगढ़ स्टेट स्टॉल स्थापित किया गया। इस स्टॉल में राज्य की अद्वितीय हस्तकला धोकरा कला और बस्तर कला के उत्कृष्ट नमूने (जो छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिल्प कला को दर्शाते हैं) , बाँस से बने पारंपरिक सूपा और टुकनी , छत्तीसगढ़ की शान कोसा सिल्क की साड़ियाँ और कुर्ते को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया , जिसने विदेशी धरती पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह के मुख्य अतिथि महावाणिज्य दूत ने इस स्टॉल में गहरी रुचि दिखाई। इस स्टॉल ने ना केवल कला-संस्कृति , बल्कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की अद्भुत विविधता को भी विश्व पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। स्टेट स्टॉल के साथ-साथ नाचा टीम ने ओजस्वी लोक-नृत्य का प्रदर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर धूम मचा दी। सुआ , करमा और पंडवानी जैसे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक-नृत्यों को दर्शकों द्वारा बेहद सराहा गया और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली। नृत्य के दौरान पृष्ठभूमि प्रोजेक्टर पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति , दर्शनीय पर्यटन स्थल , खान-पान और कला को दर्शाया गया , जिसने प्रस्तुति को और भी भावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन रहा , जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य ना केवल मनोरंजन का माध्यम बना , बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया। लोक-नृत्य में पूजा महतो के साथ रिशु मिश्रा , योगेश्वरी साहू , रुचि अग्रवाल , कुमुद साहू और नितिका चंद्राकर ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
छग की संस्कृति , भाषा और लोक परंपरा को विश्व में पहुंचाना हमारा लक्ष्य – पूजा
नाचा बे एरिया की अध्यक्ष पूजा महतो ने “छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस ” उत्सव समारोह में अपने प्रयासों के पीछे का महान उद्देश्य बताते हुये अरविन्द तिवारी से कहा कि हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति , भाषा और लोक परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाना है। इसके साथ ही हमारा प्रयास छत्तीसगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देना है , जिससे देश-विदेश में हमारे राज्य और उसकी संस्कृति को व्यापक पहचान मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान करता है और वे छत्तीसगढ़ को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ते।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.




