सोशल मीडिया पर की दोस्ती, मोबाइल पर की “वर्चुअल शादी”, ब्लैकमेल कर सुहागरात मनाने भेजा दोस्त — आरोपी गिरफ्तार ।

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• जशपुर पुलिस की सतर्कता से एक और फरार आरोपी दिलीप चौहान गिरफ्त में

जशपुर। थाना दुलदुला क्षेत्र में वर्ष 2021 से लंबित एक संवेदनशील प्रकरण में जशपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग बालिका से दोस्ती कर वर्चुअल शादी रचाने, उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करवाने वाले आरोपी दिलीप चौहान (29 वर्ष) को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले उसका साथी कुंदन राज (पटना, बिहार निवासी) वर्ष 2022 में ही जेल भेजा जा चुका था।

पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2021 का है, जब आरोपी कुंदन राज ने एक नाबालिग बालिका से सोशल मीडिया पर संपर्क किया था। उसने पहले तो बालिका से दोस्ती की, फिर भावनात्मक जाल में फंसाते हुए मोबाइल फोन पर ही “शादी” कर ली। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से सुहागरात मनाने का झांसा देकर अश्लील वीडियो बना लिया। आरोपी ने इन वीडियोज़ को वायरल करने की धमकी दी और बालिका को अपनी बात मानने पर मजबूर किया।

ब्लैकमेलिंग के चलते कुंदन राज ने बालिका को यह कहकर बहकाया कि वह स्वयं बिहार में रहता है, इसलिए उसने अपने एक मित्र को सुहागरात के नाम पर भेजा है। बालिका को धमकाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश किया गया। इस कृत्य को कुंदन राज ने लाइव वीडियो कॉल पर देखा।
बाद में जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने उसका वीडियो उसकी बड़ी बहन को भेज दिया, जिसके बाद बालिका ने साहस जुटाकर अपनी बहन के साथ थाना दुलदुला पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भा.द.वि. की धारा 294, 506, 354(क)(ग), 376(2)(n), 509(ब) के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 12 और आईटी एक्ट की धारा 67(ब) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

वर्ष 2022 में ही मुख्य आरोपी कुंदन राज को पुलिस ने पटना (बिहार) से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, उसका साथी दिलीप चौहान घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। दिलीप चौहान बार-बार ठिकाना बदलता रहा और कुछ समय तक गोवा में भी छिपा रहा। लेकिन साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से पुलिस को सफलता मिली और अंततः आरोपी को कुनकुरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी की पहचान की कार्यवाही कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई, जहां पीड़िता ने आरोपी को पहचान लिया। पूछताछ में दिलीप चौहान ने अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके विरुद्ध पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस पूरे मामले में साइबर सेल निरीक्षक संत लाल आयाम, थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, तथा टीम के अन्य सदस्य — प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, आरक्षक आनंद खलखो, अकबर चौहान, बसनाथ साहनी और अल्बर्ट कुजूर की अहम भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि यह मामला साइबर अपराध और नाबालिगों के शोषण से जुड़ा गंभीर अपराध है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर सतर्क निगाह रखें और संदिग्ध ऑनलाइन संबंधों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

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