अदाणी पोर्ट्स को अर्जेंटीना की पहली एलएनजी निर्यात परियोजना का बड़ा ठेका, दक्षिण अमेरिका में हुई एंट्री
10 साल का समुद्री सेवा अनुबंध मिला, 70 मिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता
अहमदाबाद। भारत की अग्रणी बंदरगाह एवं लॉजिस्टिक्स कंपनी Adani Ports and Special Economic Zone (एपीएसईजेड) ने दक्षिण अमेरिका में अपनी मौजूदगी दर्ज करते हुए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को अर्जेंटीना की पहली द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात परियोजना के लिए 10 वर्षों का समुद्री सेवा अनुबंध प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ अदाणी पोर्ट्स ने वैश्विक समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
कंपनी ने सोमवार को बताया कि यह अनुबंध उसकी स्टेप-डाउन सहायक कंपनी अदाणी हार्बर इंटरनेशनल एफजेडसीओ को अर्जेंटीना की मेरिडियन ग्रुप के साथ गठित कंसोर्टियम के माध्यम से मिला है। यह अनुबंध सदर्न एनर्जी एसए द्वारा आयोजित वैश्विक प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के बाद प्रदान किया गया है।
अर्जेंटीना की पहली एलएनजी निर्यात परियोजना
अदाणी समूह और मेरिडियन ग्रुप का कंसोर्टियम सदर्न एनर्जी एफएलएनजी परियोजना के लिए समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना में लगभग 70 मिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता शामिल है।
परियोजना के पहले चरण में प्रतिवर्ष 2.45 मिलियन टन एलएनजी उत्पादन होने की संभावना है, जो लगभग 28 एलएनजी कार्गो के बराबर होगा। इसके साथ ही यह अर्जेंटीना की पहली परिचालन एलएनजी निर्यात परियोजना बन जाएगी।
भारत-अर्जेंटीना ऊर्जा संबंधों को मिलेगा बल
इस परियोजना को भारत और अर्जेंटीना के बीच बढ़ते ऊर्जा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अर्जेंटीना तेजी से वैश्विक एलएनजी आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है और उसने वर्ष 2027 से भारत को प्रतिवर्ष 1 करोड़ टन तक एलएनजी निर्यात करने के लिए समझौते किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना अर्जेंटीना की बढ़ती गैस आपूर्ति को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करेगी।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अदाणी पोर्ट्स की मौजूदगी
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी गुप्ता ने कहा कि यह अनुबंध दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े ऊर्जा अवसंरचना प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने की कंपनी की क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी वर्तमान में 12 देशों में समुद्री संचालन कर रही है और उसके पास बंदरगाहों, एलएनजी टर्मिनलों, राष्ट्रीय तेल कंपनियों, रिफाइनरियों तथा अपतटीय ऊर्जा प्रतिष्ठानों को सेवाएं प्रदान करने का व्यापक अनुभव है।
उनके अनुसार स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा यह समुद्री तंत्र नए ऊर्जा व्यापार गलियारों के निर्माण और दीर्घकालिक आपूर्ति सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होगा।
आधुनिक समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराएगा कंसोर्टियम
समझौते के तहत कंसोर्टियम एलएनजी कैरियर जहाजों के लिए टगबोट संचालन, अपतटीय लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति सहायता और क्रू ट्रांसफर जैसी महत्वपूर्ण समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
परियोजना के संचालन के लिए चार अत्याधुनिक टगबोट, एक एंकर हैंडलिंग टग सप्लाई वेसल तथा एक क्रू बोट तैनात की जाएगी। ये सभी संसाधन एलएनजी निर्यात गतिविधियों को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
दक्षिण अमेरिका में प्रवेश के साथ अदाणी पोर्ट्स ने अपने वैश्विक विस्तार को नई गति दी है। यह अनुबंध न केवल कंपनी की अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा एवं समुद्री लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भारत की बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक माना जा रहा है।

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