बोर्ड वैद्यों की स्वास्थ्य परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान संरक्षण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध :  विकास मरकाम

0
IMG-20260625-WA1340

वैद्यों के हित में योजनाओं की कार्ययोजना और भविष्य के रोडमैप पर हुई महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर । छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा 24 जून को रायपुर में वैद्यों के हितकारी योजनाओं की कार्ययोजना एवं भविष्य के रोडमैप पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने की। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों एवं सुदूर अंचलों से आए 8 वैद्य संघों के 60 प्रतिनिधि वैद्य शामिल हुए।

वैद्य समुदाय के योगदान का किया गया सम्मान बैठक के प्रारंभ में बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम एवं उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला ने सभी वैद्य प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे. ए. सी. एस. राव ने बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए वैद्यों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

NTPC World Environment Day

पारंपरिक ज्ञान को सहेजने के लिए आयोजित हो रहे वैद्य सम्मेलन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय ज्ञान को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से नियमित रूप से वैद्य सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 11 वैद्य सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 1 राज्य स्तरीय, 6 संभाग स्तरीय और 4 जिला स्तरीय सम्मेलन शामिल हैं।

औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण का दिया जा रहा प्रशिक्षण बोर्ड द्वारा वैद्यों को औषधीय पौधों की खेती, विनाश-विहीन विदोहन तकनीक तथा वनौषधियों के संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से वैद्य पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अपने अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान भी करते हैं।

37 वैद्यों का हुआ प्रमाणीकरण वैद्यों की पारंपरिक उपचार पद्धतियों को मान्यता देने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के माध्यम से अब तक 37 वैद्यों का प्रमाणीकरण कराया गया है। इससे उनकी सेवाओं की विश्वसनीयता और पहचान को बढ़ावा मिला है।

हीलर हर्बल गार्डन योजना से मिल रहा सहयोग बोर्ड द्वारा संचालित हीलर हर्बल गार्डन योजना के तहत वैद्यों को उनके घर या बाड़ी में उपयोगी औषधीय पौधों का उद्यान विकसित करने के लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही वैद्यों के निवास ग्रामों के विद्यालयों में स्कूल हर्बल गार्डन विकसित करने तथा उनकी देखरेख के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

निःशुल्क औषधीय पौधा वितरण और पल्वराइजर मशीन की सुविधा बोर्ड द्वारा होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत निःशुल्क औषधीय पौधों का वितरण किया जा रहा है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वैद्यों को जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण में सुविधा देने के लिए राज्य के 28 जिलों में कुल 40 निःशुल्क पल्वराइजर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बनी विस्तृत कार्ययोजना बैठक में हीलर हर्बल गार्डन, स्कूल एवं होम हर्बल गार्डन, वैद्य सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, वैद्य प्रमाणीकरण तथा पल्वराइजर मशीन वितरण जैसी योजनाओं के प्रभावी संचालन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी वैद्य प्रतिनिधियों की सहमति से इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए।

वैद्यों के संरक्षण और उत्थान के लिए बोर्ड प्रतिबद्ध बैठक के अंत में अध्यक्ष  विकास मरकाम ने कहा कि बोर्ड राज्य के वैद्यों की स्वास्थ्य परंपराओं, पारंपरिक उपचार पद्धतियों, ज्ञान संरक्षण, क्षमता विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। वहीं उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला ने कहा कि वैद्यों की मांग के अनुरूप ग्राम पंचायतों के माध्यम से जड़ी-बूटी आधारित उपचार एवं परामर्श केंद्रों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को और अधिक मजबूती मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!