पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर फरारी काट रहे 2 रिश्तेदार सहित 3 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी ठेकेदार अब भी फरार

0
IMG-20260103-WA0634.jpg

जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो छत्तीसगढ़

मुकेश चंद्राकर ने अप्रैल 2021 में बीजापुर के टेकलगुडा नक्सली हमले के बाद माओवादियों की कैद से कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास को रिहा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस घटना में 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।

बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या के मामले में शनिवार को पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें से दो लोग मुकेश चंद्राकर के रिश्तेदार हैं। मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में भर दिया गया था। शुक्रवार को मुकेश चंद्राकर के 100 को सेप्टिक टैंक में पाया गया।

बता दें कि मुकेश के दूर के रिश्तेदारी भाई रितेश चंद्राकर को शनिवार रायपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, जबकि सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके और मुकेश के एक अन्य रिश्तेदार दिनेश चंद्राकर को बीजापुर से पकड़ा गया। हत्या का कथित मास्टरमाइंड ठेकेदार सुरेश चंद्राकर फरार है।

पुलिस के अनुसार, पत्रकार मुकेश चंद्राकर 33वर्ष, एक जनवरी की रात से लापता थे तथा शुक्रवार को उनका शव बीजापुर शहर के चट्टानपारा बस्ती में सुरेश चंद्राकर के स्वामित्व वाले परिसर में एक सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था।

उपमुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित

छत्तीसगढ़ राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है। शर्मा ने कहा, ‘‘इस मामले में सुरेश चंद्राकर मुख्य आरोपी है। वह बीजापुर में कांग्रेस नेता और पार्टी का पदाधिकारी है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीम बनाई गई हैं। उसके और अन्य आरोपियों के बैंक खाते ‘फ्रीज’ करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हमने सुरेश चंद्राकर के तीन खातों को ‘फ्रीज’ कर दिया है।
उपमुख्यमंत्री ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर के बारे में कहा कि वह माओवाद प्रभावित क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में अपनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे और स्थानीय मुद्दों की उन्हें गहरी समझ थी।

शर्मा ने कहा कि बीजापुर में सड़क निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली एक खबर 25 दिसंबर को मीडिया के माध्यम से दिखाया गया था और इसे मुकेश चंद्राकर की हत्या के पीछे की वजह बताई जा रही है।

लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला–

बीजापुर में बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुंदरराज पी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आरोपी रितेश को रायपुर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य को बीजापुर से पकड़ा गया। सुंदरराज ने बताया, ‘‘जांच में पता चला कि मृतक मुकेश चंद्राकर और रितेश चंद्राकर रिश्ते में “दूर के भाई थे तथा दोनों अक्सर पारिवारिक और सामाजिक मुद्दों पर बातचीत करते थे। एक जनवरी की रात लगभग आठ बजे दोनों ने फोन पर बातचीत की। इसके बाद दोनों चट्टानपारा में सुरेश चंद्राकर के परिसर (संपत्ति) में गए और खाना खाने लगे। इस बीच दोनों के बीच बहस हो गई। रितेश ने दावा किया कि मुकेश उनका रिश्तेदार होने के बावजूद उनके काम (निर्माण कार्य) में बाधा डाल रहा है। इसके बाद रितेश ने सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके के साथ मिलकर मुकेश पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने शव को एक सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और उसका ढक्कन बंद कर दिया। इसके बाद तीनों ने सबूत मिटाने की साजिश रची।

सेप्टिक टैंक में मिला शव–

सुरेश चंद्राकर के परिसर में बैडमिंटन कोर्ट के पास नए बने सेप्टिक टैंक की जांच की गई तथा सेप्टिक टैंक के ऊपर बने नए स्लैब को तोड़कर जब ढक्कन हटाया गया तब उसमें एक पुरुष का शव नजर आया। इस मृत व्यक्ति की पहचान मुकेश चंद्राकर के रूप में हुई। मृतक के माथे, पीठ, पेट और छाती पर किसी कठोर और कुंद वस्तु से चोट के निशान थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!