सरगुजा के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार
जनजातीय समाज के सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
रायपुर/बैकुंठपुर। सरगुजा क्षेत्र के समग्र विकास और जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस और दूरगामी कदम उठाए हैं। की अध्यक्षता में में आयोजित की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर जैसे आदिवासी बहुल और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। प्राधिकरण के माध्यम से वनांचल इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजातीय समाज का सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्र की समृद्धि सरकार का संकल्प है, जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जाएगा।
50 करोड़ का बजट, 543 विकास कार्यों को मंजूरी
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण को 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 विकास कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन मिला।
मुख्यमंत्री ने सभी स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो कार्य लंबित हैं, उन्हें मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जलापूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनमन योजना और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि विकास का लाभ सीधे जनजातीय और वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने प्रभावित इलाकों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान, बिजली बिलों में त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
पर्यटन से बदलेगी सरगुजा की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिली। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग को स्थान मिला और स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। झुमका जलाशय सहित क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिनका सुनियोजित विकास किया जाएगा।
बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणि महाराज सहित विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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