ऑपरेशन क्लीन हंट : ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार, फरार आरोपी सुभेष अग्रवाल गिरफ्तार
आईपीएल सट्टे के संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य निकला आरोपी, मोबाइल जब्त कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
रायगढ़ । ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे और उससे जुड़े संगठित अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। खरसिया पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के सक्रिय सदस्य सुभेष अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी आईपीएल सहित विभिन्न क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा संचालन, लेन-देन और हिसाब-किताब के कार्य में शामिल था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में ऑनलाइन सट्टा, हवाला कारोबार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से सट्टा संचालन में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
पिछले साल हुई कार्रवाई से खुला था नेटवर्क का राज
पुलिस के अनुसार 29 अप्रैल 2025 को थाना साइबर और चौकी खरसिया पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर खरसिया क्षेत्र में दबिश देकर अंकित अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उस समय आरोपी के कब्जे से 21 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया था।
जांच के दौरान मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी थीं। मोबाइल में मौजूद व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिकेट मैचों में हार-जीत का दांव लगवाने के प्रमाण मिले थे। पूछताछ में अंकित अग्रवाल ने बताया था कि वह अमित अग्रवाल और सुभेष अग्रवाल के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा कारोबार संचालित करता है।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चल रहा था करोड़ों का सट्टा कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सट्टेबाजों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़कर क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाया जाता था।
सट्टे में होने वाले लेन-देन का पूरा हिसाब डिजिटल माध्यम से रखा जाता था। गिरोह के सदस्य सट्टेबाजों से रकम वसूलने और भुगतान करने का काम भी सुनियोजित तरीके से करते थे। पुलिस को मिले तकनीकी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा फरार आरोपी
ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान खरसिया पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सुभेष अग्रवाल क्षेत्र में मौजूद है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन करने की बात स्वीकार की।
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने उसके कब्जे से मोटारोला कंपनी का G60 Pro मोबाइल फोन बरामद किया, जिसका उपयोग ऑनलाइन सट्टा संचालन में किया जा रहा था।
एक आरोपी अब भी फरार, तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी अमित अग्रवाल अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की विभिन्न टीमें संभावित ठिकानों पर निगरानी रख रही हैं और तकनीकी माध्यमों से उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऑनलाइन सट्टा बन रहा संगठित अपराध का बड़ा माध्यम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा अब केवल जुआ तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संगठित आर्थिक अपराध का रूप ले चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, फर्जी बैंक खातों, मोबाइल एप्लीकेशन और सोशल मीडिया के जरिए बड़े स्तर पर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है।
इस तरह के नेटवर्क में करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है, जिससे युवाओं के साथ-साथ आम लोग भी आर्थिक नुकसान का शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि रायगढ़ पुलिस तकनीकी जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण के माध्यम से पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है।
एसएसपी का सख्त संदेश : अपराधियों को किसी भी कीमत पर नहीं मिलेगी राहत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि ऑनलाइन सट्टा, हवाला और आर्थिक अपराधों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध में शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंच रही है तथा भविष्य में भी ऐसे अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक उदय सिदार, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज, आरक्षक कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, धनंजय कश्यप एवं सिदार सिंह सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत लगातार जारी है कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस का विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” जिले में ऑनलाइन सट्टा, हवाला नेटवर्क और आर्थिक अपराधों के खिलाफ लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

