सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों की पढ़ाई को मिली रफ्तारसाइकिल से आसान हुआ स्कूल का सफर, आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहीं छात्राएंदो वर्षों में 14,356 बालिकाओं को मिली निःशुल्क साइकिल

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रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह

कवर्धा सरस्वती साइकिल योजना ने जिले की बेटियों की शिक्षा को नई दिशा और गति दी है। साइकिल मिलने के बाद अब छात्राओं के लिए स्कूल आना-जाना पहले से कहीं अधिक सहज और सुरक्षित हो गया है। लंबी दूरी पैदल तय करने की मजबूरी खत्म होने से उनका समय और ऊर्जा दोनों बच रही हैं, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और आत्मविश्वास पर पड़ रहा है।

जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत बीते दो वर्षों में 14,356 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गई हैं। खासकर दूरस्थ वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को इसका बड़ा लाभ मिला है। पहले कई किलोमीटर पैदल चलने, खराब रास्तों और थकान के कारण पढ़ाई प्रभावित होती थी, यहां तक कि कुछ छात्राएं स्कूल छोड़ने को भी मजबूर हो जाती थीं। अब साइकिल के जरिए वे कम समय में और बिना थके स्कूल पहुंच रही हैं।

छात्राओं का कहना है कि समय पर स्कूल पहुंचने से वे कक्षा में एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर पा रही हैं। स्कूल के बाद घर के कामों में हाथ बंटाकर भी उन्हें पढ़ने का पर्याप्त समय मिल जाता है। अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है, क्योंकि बेटियां समूह में सुरक्षित तरीके से स्कूल जाती हैं।

आज जिले की सड़कों पर साइकिल से स्कूल जाती बेटियां आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की प्रतीक बन चुकी हैं। सरस्वती साइकिल योजना केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि बेटियों को शिक्षा से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाली एक प्रेरक पहल के रूप में उभर रही है।

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