महिला दिवस पर 69.48 लाख महिलाओं को 641.58 करोड़ की राशि महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी, महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

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रायपुर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी करते हुए 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि अंतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक महिलाओं को कुल 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उस समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की पात्र महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपये की राशि दी जाएगी। पिछले 25 महीनों से यह राशि लगातार दी जा रही है और अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये मिल चुके हैं।

उन्होंने बताया कि योजना को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार में कर रही हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं बल्कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन भी करती हैं। कई महिलाओं ने इस राशि से बचत शुरू की, कुछ ने छोटे व्यवसाय शुरू किए और कई ने बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च कर परिवार को मजबूत बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर और दूरस्थ क्षेत्रों में शांति और विकास का वातावरण बन रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों का विवाह कराया गया है। वहीं महिलाओं के लिए 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 का निर्माण पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश में 8 लाख महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाया जा चुका है और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख करना है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट फूड निर्माण कार्य भी दोबारा शुरू किया गया है, जिससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू और सरगुजा की निधि जायसवाल से बातचीत की। महिलाओं ने योजना से मिली सहायता से स्वरोजगार और बचत के अपने अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का भी शुभारंभ किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं को मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर विपणन से जोड़ा जाएगा।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, वन मंत्री केदार कश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

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