भिलाई इस्पात संयंत्र की सख्त कार्रवाई: सेक्टर-7 और नेवई में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, हजारों वर्गफीट भूमि मुक्त

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भिलाई/रायपुर । स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधीन संचालित भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) के इन्फोर्समेंट विभाग ने संयंत्र की भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध सघन अभियान चलाते हुए दो दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई 7 और 9 मार्च 2026 को की गई, जिसमें हजारों वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

प्रवर्तन विभाग द्वारा 7 मार्च को सेक्टर-7 क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित गैरेजों और शेडों को हटाया गया। इन संरचनाओं का उपयोग टेंट, फल एवं केटरिंग व्यवसाय से संबंधित सामग्रियाँ रखकर भूमि पर अवैध कब्जा करने के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई से पूर्व संबंधित कब्जाधारियों को सूचना देकर स्थल खाली करने के लिए सचेत किया गया था। इसके बाद प्रवर्तन दल ने अवैध संरचनाओं को हटाते हुए लगभग 2000 वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया

इसी क्रम में 9 मार्च को नेवई के पांडेपारा क्षेत्र में भी अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यहां ईंटों से बनाए जा रहे तीन अवैध मकानों के ढांचे को ध्वस्त किया गया तथा दो स्थानों पर निर्मित बाउंड्री वाल को भी हटाया गया। जांच में इस क्षेत्र में लगभग 20,000 वर्गफीट भूमि पर सुनियोजित तरीके से अवैध प्लॉटिंग किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

प्रशासन ने संबंधित कब्जाधारियों को शेष अवैध निर्माण स्वयं हटाने के लिए आगाह किया है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के दौरान नेवई थाना पुलिस बल का भी पूरा सहयोग प्राप्त हुआ।

यह कार्रवाई मुख्य महाप्रबंधक (नगर प्रशासन एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) उत्पल दत्ता के मार्गदर्शन तथा सहायक महाप्रबंधक (प्रवर्तन) रेमी थॉमस के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में उप प्रबंधक (प्रवर्तन) एवं हिंदी समन्वय अधिकारी मुकुंद दास मानिकपुरी, संपदा निरीक्षक राममूर्ति, रमाकांत यादव, श्री भगवान,  बलराम शुक्ला, अजय मिश्रा, कुद्बुद्दीन कुरैशी सहित पुरुष एवं महिला सुरक्षा कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संयंत्र की भूमि पर अवैध कब्जों और गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे संयंत्र की भूमि पर कब्जा कराने का दावा करने वाले तथाकथित बिचौलियों के झांसे में न आएँ, अन्यथा उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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