बस्तर में 108 माओवादियों का सामूहिक सरेंडर, 101 हथियारों के साथ 3.60 करोड़ नकद और 1 किलो सोना बरामद

0
IMG-20260311-WA0778

‘पूना मारगेम’ पहल के तहत बड़ी सफलता, 3.95 करोड़ के इनामी नक्सलियों ने जगदलपुर में किया आत्मसमर्पण

जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने जगदलपुर में सामूहिक आत्मसमर्पण किया। इनमें 44 महिलाएं और 64 पुरुष शामिल हैं। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 3.95 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए थे। इनमें बीजापुर से 37, दंतेवाड़ा से 30, सुकमा से 18, बस्तर से 16, नारायणपुर से 4 और कांकेर से 3 नक्सली शामिल हैं।

अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामदगी

आत्मसमर्पण के बाद माओवादियों की निशानदेही पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। विभिन्न स्थानों से 101 हथियारों के साथ करीब 1 किलो सोना और 3.60 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामदगी मानी जा रही है।

इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस, CRPF और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई।

बदलती तस्वीर का संकेत

बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने इस सफलता को क्षेत्र में बदलती स्थिति का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल हथियार डलवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

‘नक्सल मुक्त भारत’ लक्ष्य के करीब

108 माओवादी कैडरों का सामूहिक आत्मसमर्पण और बड़ी मात्रा में हथियार व नकदी की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली संगठनों की कमजोर होती आर्थिक और सैन्य ताकत का संकेत मान रही हैं।

केंद्र सरकार द्वारा तय 31 मार्च 2026 की समय सीमा से करीब 20 दिन पहले मिली यह सफलता ‘नक्सल मुक्त भारत’ के लक्ष्य को और मजबूत करती दिखाई दे रही है।

पुनर्वास योजना का असर

अधिकारियों के अनुसार ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास योजनाओं के तहत हिंसा छोड़ने वाले नक्सलियों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक पुनर्वास का अवसर दिया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!