जो खुद “लिक्विड नशे” के सिंडिकेट के संरक्षक रहे हों, उन्हें नशे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है- ठोकने
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने अफीम की खेती के खुलासों के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देशों के आलोक में हो रही जाँच, आरोपियों की गिरफ्तारी और अवैध सम्पत्तियों की जब्ती आदि की कार्रवाइयों के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की जा रही बयानबाजी को पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक कुण्ठा और अपने सियासी वजूद को बचाए रखने की नाकाम कोशिश बताया है। श्री ठोकने ने कहा कि बघेल द्वारा आज अफीम की खेती और नशे के कारोबार के बारे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी जानकारी इकठ्ठी करने के लिए ताकीद किया जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री रहते हुए बघेल को शराब और सूखे नशे के कारोबार को रोकने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को इस तरह की नसीहत देना मुनासिब क्यों नहीं लगा? भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि जिस कांग्रेस ने अपने पांच साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेला, आज उसी कांग्रेस के नेता बघेल नैतिक पतन की पराकाष्ठा पार कर भाजपा पर मिथ्या आरोप लगाकर अपनी ओछी राजनीति का प्रदर्शन कर रहे हैं। भूपेश सरकार के कार्यकाल में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का शराब घोटाला हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ के राजस्व को चूना लगाया। आज उनके खुद के बेटे और करीबी सहयोगी जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। जो खुद “लिक्विड नशे” के सिंडिकेट के संरक्षक रहे हों, उन्हें नशे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। श्री ठोकने ने कहा कि 2018 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ को सूखे नशे का डंपिंग यार्ड बना दिया गया था। ओडिशा और अन्य राज्यों से आने वाले गांजे और सिंथेटिक ड्रग्स को कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में प्रदेशभर में खपाया गया। आज जब भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, तो कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है। अफीम खेती के मामले पर श्री ठोकने ने स्पष्ट किया कि भाजपा जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है। जैसे ही किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई, पार्टी ने तत्काल उसे निष्कासित किया और पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। क्या भूपेश बघेल में अपने शासनकाल के दौरान घोटालेबाजों पर ऐसी कार्रवाई करने इतनी हिम्मत थी? श्री ठोकने ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस शराबबंदी का वादा कर सत्ता में आई थी और दूसरी तरफ घर-घर शराब पहुँचाने का काम किया। अब वे नशे के विरुद्ध आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं, कार्यकर्ताओं को नसीहतें दे रहे हैं! छत्तीसगढ़ की जनता भूली नहीं है कि कैसे नशे के कारोबार को भूपेश सरकार के समय फलने-फूलने का मौका दिया गया। श्री ठोकने ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल की राजनीति अब ‘एक्स’ (ट्विटर) और कोरी बयानबाजी तक सिमट गई है। छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि असली ‘नशा माफिया’ कौन है? इसलिए बघेल को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि भाजपा सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी भ्रामक प्रचार से हमारी सरकार रुकने वाली नहीं हैं।

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