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आत्मरक्षा प्रशिक्षण के नाम पर भ्रष्टाचार की शिकायत, शिक्षक पर लगे आरोपों की होगी जांच

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सरगांव निवासी ने एंटी करप्शन ब्यूरो में की शिकायत; कलेक्टर कार्यालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

मुंगेली। जिले के एक शासकीय शिक्षक के खिलाफ आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के नाम पर कथित भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत सामने आई है। मामला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर कार्यालय मुंगेली से जारी ज्ञापन में जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।

जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक स्कूल धमनिया में पदस्थ शिक्षक मोहन लाल लहरी के विरुद्ध नगर पंचायत सरगांव निवासी चेतराम साहू ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि शिक्षक द्वारा जिला कराते संघ का गठन कर रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के नाम पर अनियमितता और भ्रष्टाचार किए जाने की आशंका है।

शिकायत में कहा गया है कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के नाम पर वित्तीय गड़बड़ी की गई हो सकती है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायत मिलने के बाद राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर ने इसे संज्ञान में लेते हुए संबंधित पत्र जिला प्रशासन मुंगेली को भेज दिया।

इसके बाद कलेक्टर कार्यालय मुंगेली की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की जांच की जाए और की गई कार्रवाई का अभिमत सहित विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह मामला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा होने के कारण शिक्षा विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के लिए भी संवेदनशील माना जा रहा है। यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि स्कूलों और छात्राओं के लिए चलाए जाने वाले आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करना होता है। ऐसे कार्यक्रमों में पारदर्शिता और सही तरीके से क्रियान्वयन होना बेहद आवश्यक माना जाता है। इसी कारण इस तरह की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे हल्के में न लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।

कलेक्टर कार्यालय से जारी दस्तावेज में उल्लेख किया गया है कि शिकायत से संबंधित पत्र राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो छत्तीसगढ़, रायपुर से संदर्भित है। इस आधार पर जिला स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि जांच के बाद तैयार रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रकरण पर आगे की कार्रवाई तय की जा सके।

इधर शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के भीतर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि संबंधित शिक्षक की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रशासन के निर्देश के अनुसार मामले की जांच प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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