NTPC World Environment Day

शिक्षा घोटाले में कार्रवाई शुरू, अंकित गौरहा की शिकायत से खुली परतें—अब बड़े चेहरों पर कब कार्रवाई.?

0
image_search_1776338818905

रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

बिलासपुर। शिक्षा विभाग में लगभग 29.62 लाख रुपये के कथित गबन के मामले में कार्रवाई करते हुए थाना कोटा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला शासकीय राशि के गबन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है, जिसकी शिकायत कांग्रेस नेता अंकित गौरहा द्वारा मुख्य सचिव,कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एक गिरफ्तार और एक अभी भी फरार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में थाना कोटा में अपराध क्रमांक 171/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आरोप है कि शासकीय कर्मचारी रहते हुए आरोपियों द्वारा वेतन एवं अन्य भत्तों में कूट रचना कर सितंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच कुल 29 लाख 62 हजार 222 रुपये की राशि का गबन किया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (उम्र 38 वर्ष), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी नवल सिंह पैकरा (लेखपाल/सहायक ग्रेड-02) अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।

मुख्य आरोपी पर कार्यवाही नहीं

हालांकि इस कार्रवाई के बाद भी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा एवं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर विजय टांडे की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि वित्तीय अनियमितताओं का यह पूरा खेल उनके कार्यकाल में हुआ, इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। उल्टा, उन्हें पदोन्नति दिए जाने की जानकारी सामने आने से पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों में प्रमाण के बावजूद कार्यवाही नहीं

इसके साथ ही शिक्षा विभाग में की गई तीन फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों का मामला भी इस शिकायत का हिस्सा रहा है, इस मामले में भी जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और बाबू सुनील यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं जांच को सीमित दायरे में रखकर मुख्य आरोपी व जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।

उच्च अधिकारियों के संरक्षण के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह इस मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी के विजय टांडे पर दर्जनों से अधिक आरोप है कई आरोपों में उनके द्वारा की गई अनियमित की पुष्टि भी हो चुकी है इसके बावजूद उन पर कार्रवाई न होना समझ से परे है और तक हुई कार्रवाई महज़ एक शुरुआत है और जब तक इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष,पारदर्शी और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!