ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी गिरफ्तार, मुंबई-गोवा में दबिश, 7 आरोपी दबोचे

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रायपुर । राजधानी में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने अंतरराज्यीय सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मुंबई और गोवा में की गई संयुक्त रेड कार्रवाई में कुल 7 आरोपियों को पकड़ा गया है तथा एक बड़े पैनल नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।


ढाई साल से चला रहा था सट्टा नेटवर्क

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर पिछले करीब ढाई वर्षों से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था। यह गिरोह 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे विभिन्न पैनलों के जरिए देशभर में सट्टा खिलाने का काम कर रहा था।

खास बात यह है कि आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़ में हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक पहुंच बनाकर सट्टे का नेटवर्क फैला रहा था।


मुंबई और गोवा में एक साथ रेड

पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला की सतत मॉनिटरिंग में पुलिस टीम ने मुंबई और गोवा में एक साथ दबिश दी।

मुंबई रेड:
यहां से मास्टरमाइंड बाबू खेमानी सहित रोहित सिंह और विशाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से एक लैपटॉप, एक बीएमडब्ल्यू कार और 4 मोबाइल फोन जब्त किए गए।

गोवा रेड:
गोवा में संचालित ऑनलाइन पैनल को ध्वस्त करते हुए 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां से 2 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, राउटर, कैलकुलेटर, 10 एटीएम कार्ड और सट्टे का हिसाब-किताब बरामद किया गया।


60 लाख की संपत्ति जब्त, करोड़ों के लेन-देन के संकेत

कार्रवाई के दौरान कुल लगभग 60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
जांच में बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। गिरोह लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट (किराए के बैंक खाते) का उपयोग करता था, जिनके धारकों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।


रायपुर से शुरू हुई थी कार्रवाई

इस पूरे नेटवर्क का खुलासा 13 अप्रैल को तब हुआ, जब रेलवे स्टेशन के पास एक आरोपी को मोबाइल के जरिए सट्टा खिलाते रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर ओडिशा, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में कार्रवाई की गई।

अब तक इस प्रकरण में कुल 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 4 राज्यों में संचालित नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं।


गिरोह का काम करने का तरीका

पूछताछ में सामने आया कि—

  • बाबू और करण खेमानी ने रायपुर से बाहर नेटवर्क फैलाने की रणनीति बनाई थी।
  • एजेंटों के जरिए देशभर में आईडी बांटी जाती थी।
  • बैंक खातों को 20-30 हजार रुपये में किराए पर लिया जाता था।
  • कलेक्शन एजेंट और ट्रांजेक्शन मैनेजर अलग-अलग जिम्मेदारियों में तैनात थे।

आरोपी बाबू खेमानी के विदेशी कनेक्शन भी सामने आए हैं। वह दुबई और थाईलैंड की कई यात्राएं कर चुका है, जिसकी जांच जारी है।


कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

सभी आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों, मनी ट्रेल और विदेशी कनेक्शन की गहन जांच जारी है तथा जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


नशे और सट्टे के खिलाफ सख्त रुख

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक 11 प्रकरणों में 64 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 2.96 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।


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