अमरकंटक के अतिथेयम में शिवमहापुराण कथा से गूंज रही संस्कारों की अमृतवाणी

0
IMG-20260421-WA1159

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक के कल्याण सेवा आश्रम पास स्थित अतिथेयम के विशाल सभा हॉल में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् शिवमहापुराण कथा का चौथा दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हो रहा है । 18 से 26 अप्रैल तक चल रहे इस आयोजन में वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक पं. नीलेश शास्त्री जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में भावविभोर कर रहे हैं ।
चौथे दिन की कथा में उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को संस्कार , मर्यादा और भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बच्चों को धर्म , माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान सिखाना आवश्यक है क्योंकि संस्कारित पीढ़ी ही समाज और राष्ट्र का भविष्य बनाती है ।
कथा के दौरान उन्होंने नामकरण , 16 संस्कार और नारी के 16 श्रृंगार का भी महत्व बताया । साथ ही कहा कि संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण ही वास्तविक समृद्धि है ।

कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है । श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर जीवन में संस्कार अपनाने का संकल्प लिया ।
आयोजन के यजमान स्वाती शर्मा , आशीष शर्मा एवं प्रेमनारायण मिश्रा हैं । बिलासपुर और अंबिकापुर से आए 200 से अधिक श्रद्धालु भी कथा में शामिल हुए । अक्षय तृतीया पर आशीष शर्मा द्वारा पुत्र का व्रतबंध संस्कार भी सम्पन्न कराया गया ।
यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के जागरण का माध्यम बन रहा है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!