शंकराचार्यजी के सान्निध्य में चौथी बार खुले बद्रीनाथ मंदिर के कपाट सीएम धामी ने दिया प्लास्टिक मुक्त यात्रा पर जोर

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अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

बद्रीनाथ धाम – ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद‌ सरस्वतीजी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के बीच आज बैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन तय मुहुर्त में सुबह सवा छह बजे पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि योग में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारम्परिक वाद्य यंत्रों और सेना के बैण्ड की मधुर धुनों के बीच विधि विधान से पूजा पाठ कर चार धामों में से विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी के साथ चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो गया , क्योंकि इसके पहले 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के द्वार खोले गये थे और इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिये खोल दिये गये।‌‌‌ कपाट खुलने से पूर्व द्वारपूजन , पंचांग पूजन के बाद नर पूजा के लिये रावलजी ने जिम्मेदारी सम्हाली। कपाट खुलने के दौरान धाम भगवान बद्री विशाल के जयकारों के गूंज उठा और मंत्रोच्चारण से चारों तरफ का वातावरण भक्तिमय बन गया। बद्रीनाथ कपाटोद्घाटन के दौरान पूरे धाम को पच्चीस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था , जो आकर्षण का केन्द्र रहा। इसमें भी खास बात यह रही कि पहली बार फूलों की सजावट के जरिये ‘ओम लक्ष्मीपति नमो’ , ‘जय श्री बद्री नारायण’ और ‘बैकुंठाय नमो’ जैसे पवित्र संदेश भी फूलों से उकेरे गये थे जो श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। इसके पहले बुधवार को गढ़वाल राइफल्स के पाइप बैंड की मधुर लहरियों के बीच रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुआई में भगवान नारायण के प्रतिनिधि उद्धवजी , देवताओं के खजांची कुबेरजी , भगवान के वाहन गरुड़जी व आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली के साथ तेल कलश यात्रा योग-ध्यान बद्री मंदिर पांडुकेश्वर से बद्रीनाथ धाम पहुंच गई थी। दूसरे दिन गुरूवार को प्रातः काल मुख्य पुजारी रावल जी , धर्माधिकारी एवं वेदपाठियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकालकर लक्ष्मी मंदिर में विराजमान कराया गया तथा भगवान कुबेर एवं उद्धवजी को गर्भगृह में स्थापित किया गया। तत्पश्चात भगवान बद्री विशाल की चतुर्भुज मूर्ति का विधिवत अभिषेक एवं श्रृंगार किया गया। कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया , जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आये श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।‌ इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल और अखंड ज्योति के दर्शन किये। अब अगले छह महीने तक श्रद्धालु मंदिर में भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। कपाट खुलने के पावन अवसर का साक्षी बनने के लिये भारी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचकर कतार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की अवसर पर लगातार चौथी बार परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये और कहा कि बड़े उल्लास और उत्साह के साथ लोग दर्शन कर रहे हैं , हमने भी भगवान का दर्शन किया और बहुत ही अच्छा वातावरण है। उल्लेखनीय है कि 12 सितंबर 2022 को महाराजश्री ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुये थे। इस अवसर पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्यजी ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद सभी सनातन धर्मावलम्बी अगले छः माह तक भगवान बद्री विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ लेकर अपना जीवन धन्य बना सकते हैं। इसी कड़ी में‌ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।सीएम धामी ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर , गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुये यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने के साथ ही विधिवत तरीके से चार धाम यात्रा प्रारंभ हो गई है , बद्रीविशाल की कृपा से यह चार धाम यात्रा अच्छी होगी। सभी के लिये यह यात्रा अच्छी हो , सरल हो , सुगम हो और सुरक्षित हो।‌ हर दृष्टि से यात्रा के नियमों का पालन भी हो , भक्तों में बड़ा उत्साह है और हम सभी का स्वागत करते हैं। इस बीच मुख्यमंत्री धामी ने माणा गांव का दौरा भी किया , जहां उन्होंने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से मुलाकात की। उन्होंने सभी से चारधाम यात्रा को सुरक्षित , स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सहयोग करने की अपील की। खास तौर पर उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा पर विशेष जोर दिया।

NTPC World Environment Day

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