राज्य में अव्वल बेमेतरा: डिजिटल किसान किताब हस्ताक्षर में प्रथम स्थान
8.69 लाख खसरों में से 56 हजार से अधिक का डिजिटल हस्ताक्षर पूर्ण
पारदर्शी भूमि अभिलेख की दिशा में तेज़ी, किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
बेमेतरा । जिला बेमेतरा ने डिजिटल किसान किताब हस्ताक्षर अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के 33 जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले में कुल 8,69,514 खसरों में से अब तक 56,157 खसरों का डिजिटल हस्ताक्षर पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 8,13,357 खसरे लंबित हैं। वर्तमान में जिले की उपलब्धि 6.46 प्रतिशत दर्ज की गई है। साथ ही ऑटो डायवर्सन के क्षेत्र में भी बेमेतरा जिला प्रदेश में 7वें स्थान पर है, जो जिले के राजस्व कार्यों में हो रही प्रगति को दर्शाता है।
तहसीलवार प्रदर्शन में थान खम्हरिया तहसील ने 11.8 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद दाढ़ी तहसील 7.83 प्रतिशत के साथ द्वितीय एवं देवकर तहसील 7.3 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर रही। अन्य तहसीलों में भिम्भौरी एवं बेमेतरा ने 6.4 प्रतिशत, साजा ने 6.16 प्रतिशत तथा नवागढ़ ने 6.00 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। वहीं बेरला (4.63 प्रतिशत) और नांदघाट (2.7 प्रतिशत) तहसीलों में कार्य में और तेजी लाने की आवश्यकता बताई गई है।
जिले की विस्तृत प्रगति के अनुसार—थान खम्हरिया में कुल 81,275 खसरों में से 9,560 हस्ताक्षरित एवं 71,715 लंबित हैं; दाढ़ी में 57,753 में से 4,524 हस्ताक्षरित एवं 53,229 लंबित; देवकर में 69,332 में से 5,089 हस्ताक्षरित एवं 64,243 लंबित; भिम्भौरी में 60,960 में से 3,910 हस्ताक्षरित एवं 57,050 लंबित; बेमेतरा में 1,67,512 में से 10,642 हस्ताक्षरित एवं 1,56,870 लंबित; साजा में 94,104 में से 5,801 हस्ताक्षरित एवं 88,303 लंबित; नवागढ़ में 97,434 में से 5,847 हस्ताक्षरित एवं 91,587 लंबित; बेरला में 1,54,096 में से 7,141 हस्ताक्षरित एवं 1,46,955 लंबित तथा नांदघाट में 87,047 में से 2,372 हस्ताक्षरित एवं 84,675 लंबित हैं।
किसान कैसे करें किसान किताब डिजिटल हस्ताक्षर:
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी किसान किताब (खसरा) के डिजिटल हस्ताक्षर शीघ्र पूर्ण करें। इसके लिए किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र या संबंधित पटवारी/राजस्व कार्यालय में आधार कार्ड एवं भूमि दस्तावेज के साथ संपर्क कर सकते हैं। वहां OTP या बायोमेट्रिक के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जाती है।
किसान किताब डिजिटल हस्ताक्षर के फायदे:
डिजिटल हस्ताक्षर होने से भूमि अभिलेख पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित हो जाते हैं। इससे किसानों को बैंक ऋण, फसल बीमा एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होती है। साथ ही पारदर्शिता बढ़ती है, विवाद की संभावना कम होती है और भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं का लाभ सहज रूप से मिल पाता है। जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि लंबित खसरों के डिजिटल हस्ताक्षर कार्य में और तेजी लाते हुए लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। यह उपलब्धि जिले में डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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