धान खरीदी केंद्र में 66 लाख से अधिक का गबन उजागर, केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मुंगेली । जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र धरदेई में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता और गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में करीब 66 लाख 83 हजार 848 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जिनकी तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शाखा सरगांव में पदस्थ मोहर दास आर्य द्वारा इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सत्र के दौरान धरदेई उपार्जन केंद्र (पंजीयन क्रमांक 2831) में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। केंद्र में कार्तिक राम ध्रुव को प्रभारी तथा संदीप दुबे को कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय, सहकारिता शाखा मुंगेली द्वारा एक संयुक्त जांच टीम गठित की गई। इस टीम में नायब तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि शामिल थे। टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों का सत्यापन, स्टॉक मिलान और भौतिक जांच की गई।
जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें केंद्र में 2156.08 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस धान का बाजार मूल्य लगभग 66,83,848 रुपये आंका गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि केंद्र प्रभारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिकॉर्ड में हेरफेर, कूटरचित प्रविष्टियां और लापरवाही बरती गई, जिससे शासन को भारी आर्थिक क्षति हुई।
रिपोर्ट के आधार पर थाना पथरिया में अपराध क्रमांक 87/26 के तहत धारा 316(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर आर्थिक अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत इस मामले को प्राथमिकता दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश तेज कर दी।
लगातार तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और संभावित ठिकानों पर दबिश के बाद पुलिस ने 26 अप्रैल 2026 को आरोपी कार्तिक राम ध्रुव को बेमेतरा जिले के नांदघाट क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने गबन से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से धान खरीदी रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं, जो मामले में अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। आरोपी को 27 अप्रैल को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अन्य कर्मचारियों एवं संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार प्रयासरत है।
गौरतलब है कि धान खरीदी केंद्रों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा सख्त निर्देश दिए जाते हैं, इसके बावजूद इस तरह की बड़ी अनियमितता सामने आना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, बल्कि किसानों के विश्वास को भी आघात पहुंचाता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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