नशे के कारोबार पर रायपुर पुलिस की बड़ी चोट, ड्रग तस्कर की 15 लाख की संपत्ति सीज
रायपुर। नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान के तहत रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मादक पदार्थों की तस्करी में दोषसिद्ध आरोपी रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो की लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, मुंबई द्वारा फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी गई है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ (2) के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार पंजाब के तरणतारण जिले के निवासी तथा वर्तमान में रायपुर के हीरापुर क्षेत्र में रहने वाले रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो के खिलाफ थाना कबीर नगर में एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद विशेष एनडीपीएस न्यायालय रायपुर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
दोषसिद्धि के बाद रायपुर पुलिस ने आरोपी की वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज चल एवं अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस को जांच में आरोपी के नाम पर पंजीकृत दो महंगी चारपहिया गाड़ियां मिलीं, जिनमें शेवरले क्रूज कार और महिंद्रा थार शामिल हैं। दोनों वाहनों की अनुमानित कीमत क्रमशः 5 लाख और 10 लाख रुपये आंकी गई है।
जांच एजेंसियों को यह संदेह हुआ कि इन संपत्तियों का अर्जन आरोपी द्वारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से किया गया है। इसके बाद विस्तृत वित्तीय जांच, दस्तावेजों के परीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर मामला SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई को भेजा गया।
सुनवाई के दौरान आरोपी और उसके परिजनों को संपत्तियों के वैध स्रोत संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन वे संपत्तियों के वैध आय स्रोत का संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने 5 जून 2026 को दोनों वाहनों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि कर दी।
अब इन वाहनों को बिना सक्षम अनुमति के न तो बेचा जा सकेगा, न किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकेगा और न ही किसी अन्य प्रकार से उपयोग किया जा सकेगा। यदि भविष्य में भी संपत्तियों के वैध स्रोत का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो विधिक प्रक्रिया के तहत इन्हें स्थायी रूप से जब्त कर शासन के पक्ष में समाहित किया जा सकता है।
रायपुर पुलिस ने कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत न केवल मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी की जा रही है, बल्कि उनके अवैध आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य नशे की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करना और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को कानून के दायरे में लाना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में भी एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच, संपत्ति कुर्की, पीआईटी-एनडीपीएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई तथा संगठित नशा तस्करी के विरुद्ध कठोर कदम लगातार जारी रहेंगे।

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