पुलिस अधिकारियों के नाम पर 5 लाख की वसूली का खेल बेनकाब, तारबाहर पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा

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बिलासपुर। पुलिस अधिकारियों को पैसा देने के नाम पर एक युवक को डरा-धमकाकर लाखों रुपये की वसूली करने वाले गिरोह पर तारबाहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में नामजद तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

तारबाहर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 209/2026 के अनुसार प्रकरण में धारा 308(2) एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमीत कुमार देवांगन (36 वर्ष), पिता अशोक कुमार देवांगन, निवासी देवांगन मोहल्ला, चांपा जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी रूपेश पटेल, निवासी मोहदा थाना सरायपाली जिला महासमुंद, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 19 जून 2026 को निजी कार्य से बिलासपुर आया था। इस दौरान उसकी दो महिला मित्रों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके चलते तीनों थाना तारबाहर पहुंचे। स्थिति से घबराए प्रार्थी ने अपने मित्र सचिन मेहर को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

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बताया गया कि सचिन मेहर ने यह जानकारी बिलासपुर के व्यापार विहार निवासी सुमित देवांगन को दी। इसके बाद आरोपियों ने मौके का फायदा उठाते हुए प्रार्थी के परिवार से संपर्क किया और पुलिस अधिकारियों को पैसा देने का दबाव बनाकर 5 लाख रुपये की मांग कर डाली। आरोपियों ने परिवार को यह कहकर भयभीत किया कि यदि रकम नहीं दी गई तो प्रार्थी को गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

परिवार डर गया और आरोपियों के दबाव में आकर 1 लाख रुपये सुमित देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी लगातार चार दिनों तक शेष 4 लाख रुपये देने के लिए फोन कर धमकाते रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह को दी गई। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन में तारबाहर थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी सुमित देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि प्रार्थी के परिवार से 1 लाख रुपये उसके खाते में आए थे, जिन्हें उसने बाद में अन्य आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया।

पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं प्रकरण के अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि ऐसे मामलों में डरने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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