एग्रीस्टेक परियोजना के तहत डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण

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अधिकारियों ने सर्वेयरों को त्रुटिरहित एवं वास्तविक फसल स्थिति के आधार पर सर्वे करने के दिए निर्देश

रिपोर्टर विनय सिंह, ब्यूरो बेमेतरा

बेमेतरा। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत जिले में 17 अगस्त से प्रारंभ हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी) कार्य का अपर कलेक्टर प्रकाश कुमार भारद्वाज एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा दिव्या पोटाई ने तहसील बेमेतरा के ग्राम मोहभट्ठा, हल्का नंबर 21 में मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सर्वेयरों द्वारा किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी कार्य का अवलोकन किया तथा सर्वे की प्रक्रिया की जानकारी ली।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे से किसानों को होने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने सर्वेयरों को निर्देशित किया कि प्रत्येक खेत में बोई गई वास्तविक फसल की स्थिति के आधार पर सटीक एवं त्रुटिरहित सर्वे किया जाए, ताकि डिजिटल गिरदावरी के आंकड़ों में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न्यूनतम रहे। अधिकारियों ने सर्वे कार्य के दौरान वास्तविक स्थिति का सही ढंग से रिकॉर्ड करने तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।

किसानों से सर्वे कार्य में सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में कार्यरत सर्वेयरों से संपर्क कर अपनी धारित भूमि एवं उसमें बोई गई फसल से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग करें। किसानों से यह भी अपील की गई है कि सर्वे के दौरान यथासंभव स्वयं उपस्थित रहकर अपने खेत एवं फसल की वास्तविक जानकारी सर्वेयर को उपलब्ध कराएं।

प्रशासन के अनुसार किसानों के सहयोग से डिजिटल क्रॉप सर्वे को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। डिजिटल सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में विभिन्न कृषि संबंधी योजनाओं और प्रक्रियाओं में इसका उपयोग किया जा सकेगा।

30 सितंबर तक चलेगा डिजिटल क्रॉप सर्वे

जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 17 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके बाद 2 अक्टूबर 2026 को ग्राम सभा में डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त डिजिटल गिरदावरी के आंकड़ों का वाचन एवं अनुमोदन किया जाएगा।

इन्हीं डिजिटल गिरदावरी के आंकड़ों के आधार पर आगामी खरीफ मौसम में धान खरीदी की प्रक्रिया में उपयोग किया जाएगा। ऐसे में प्रशासन ने सर्वे कार्य को गंभीरता और सटीकता के साथ पूरा करने तथा किसानों से इसमें सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।

किसान स्वयं भी कर सकते हैं डिजिटल क्रॉप सर्वे

कृषक एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप का उपयोग कर अपनी भूमि का डिजिटल क्रॉप सर्वे स्वयं भी कर सकते हैं। इसके लिए किसान अपने मोबाइल फोन में गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें और अपने खेत में बोई गई फसल की सही जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे जिले में डिजिटल गिरदावरी का कार्य सटीक एवं पारदर्शी तरीके से संपादित किया जा सकेगा और वास्तविक फसल स्थिति का सही डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख क्रांति कुमार, हल्का पटवारी गोपेश्वर मांडले, पटवारी शैलेश वैष्णव एवं सर्वेयर मनोज कुमार सिन्हा उपस्थित रहे।

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