सड़कों पर घूमते मवेशी बने मुंगेली में हादसों का खतरा, कलेक्टर ने मांगी कार्ययोजना

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आवारा पशुओं के उचित व्यवस्थापन के साथ रेडियम बेल्ट लगाने के निर्देश, सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर

मुंगेली । जिले की सड़कों पर खुलेआम घूमने वाले मवेशी न केवल यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। विशेषकर रात के समय सड़कों पर बैठे या घूमते पशुओं के कारण वाहन चालकों के सामने अचानक दुर्घटना की स्थिति बन सकती है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों के उचित व्यवस्थापन और सड़क सुरक्षा को लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। इसी दौरान उन्होंने गोधाम की प्रगति की जानकारी लेते हुए सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को हटाकर उचित स्थान पर रखने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाने को भी कहा, ताकि रात के समय वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद मवेशी दूर से दिखाई दे सकें और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सड़कों पर पशुओं की समस्या पर प्रशासन की नजर

जिले के विभिन्न मार्गों पर खुले में घूमने वाले पशुओं की मौजूदगी लंबे समय से यातायात के लिए चुनौती बनी हुई है। सड़क के बीचों-बीच मवेशियों के बैठने से वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। कई बार वाहन चालक पशुओं को बचाने के प्रयास में अपना नियंत्रण खो सकते हैं। व्यस्त मार्गों पर यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।

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कलेक्टर के निर्देश के बाद अब संबंधित विभागों को सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा उनके उचित व्यवस्थापन की दिशा में कार्ययोजना तैयार करनी होगी। रेडियम बेल्ट लगाने की व्यवस्था होने से रात के समय पशुओं की दृश्यता बढ़ने की उम्मीद है।

स्कूल और छात्रावासों के निरीक्षण पर भी जोर

बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को स्कूलों और छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने तथा वहां की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। स्कूलों में शत-प्रतिशत गणवेश वितरण सुनिश्चित करने और प्रत्येक स्कूल में किचन गार्डन स्थापित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

किचन गार्डन की कार्ययोजना को लेकर संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मिशन समन्वयक के एक दिवस का वेतन कटौती करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों और छात्रावासों के निरीक्षण की पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर मुंगेली एसडीएम के एक दिवस के वेतन कटौती के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्कूल एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

भस्करा में पॉम ऑयल प्लांटेशन को लेकर निर्देश

कलेक्टर ने लोरमी विकासखंड के ग्राम भस्करा में ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए आवश्यक विद्युत व्यवस्था, मांग के अनुरूप पंप स्थापना और अन्य जरूरतों की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर आवश्यकताओं का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए।

डीसीएस और गिरदावरी की भी समीक्षा

राजस्व विभाग के अंतर्गत डीसीएस कार्ययोजना एवं प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने सर्वेयरों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने और निर्धारित समय-सीमा में त्रुटिरहित सर्वे एवं गिरदावरी पूरी करने के निर्देश दिए। खसरों का रैंडम चेक करने तथा डीसीएस कार्य की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसान पंजीयन की समीक्षा करते हुए जिले में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पात्र किसानों का पंजीयन पूरा कराने के लिए अभियान चलाने को कहा गया। पारस पोर्टल के निर्धारित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने, बच्चों के आधार पंजीयन में छूटे बच्चों को जोड़ने और आभा आईडी का शेष कार्य विशेष अभियान चलाकर पूरा करने के निर्देश दिए गए। आत्मनिर्भर दलहन योजना के लिए भी प्रभावी एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया।

हेल्पलाइन प्रकरणों में धीमी प्रगति पर नाराजगी

बैठक में सीएम हेल्पलाइन के विभागवार प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में धीमी प्रगति पाए जाने पर जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रगति पर नाराजगी जताते हुए उपसंचालक समाज कल्याण के निलंबन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।

24 अगस्त के बाद भौतिक फाइलों पर रोक

कलेक्टर ने ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि 24 अगस्त के बाद किसी भी विभाग की फाइल भौतिक रूप से प्रस्तुत नहीं की जाए। सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से फाइल भेजना सुनिश्चित करना होगा। ई-एचआरएमएस एवं आईगॉट की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए। डिजिटल प्रणालियों के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

बैठक में स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अनुविभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज, लोरमी एसडीएम अजीत पुजारी, पथरिया एसडीएम रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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