हुनर, तकनीक और अपनत्व से पुनर्वासित युवाओं को विकास की नई राह

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प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने लाइवलीहुड कॉलेज में कौशल प्रशिक्षण का किया शुभारंभ

पुनर्वासित युवाओं को मोबाइल फोन वितरित किए, जमीन पर बैठकर उनके साथ किया भोजन

रायपुर । सुकमा जिले में पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और आत्मीय संवाद के माध्यम से युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने मंगलवार को सुकमा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न विकास एवं पुनर्वास योजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया।

प्रवास के दौरान कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और उनके बेहतर भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा

प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने लाइवलीहुड कॉलेज पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दो माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 20 युवाओं को कोसा से रेशम निकालने, उन्नत हथकरघा से साड़ी बुनने तथा आधुनिक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके हुनर के अनुरूप रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित कर सकेंगे। इससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। प्रशासन की मंशा है कि पुनर्वासित युवा अपनी क्षमता और कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनें तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दें।

मोबाइल फोन से डिजिटल दुनिया से जुड़ेंगे

प्रभारी सचिव ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने युवाओं के अनुभवों, समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उनके साथ सहज वातावरण में बातचीत की।

डिजिटल तकनीक से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से 20 पुनर्वासित युवाओं को मोबाइल फोन वितरित किए गए। मोबाइल फोन मिलने से युवाओं के लिए ऑनलाइन जानकारी, प्रशिक्षण सामग्री, रोजगार के अवसर और विभिन्न डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। डिजिटल संसाधनों के माध्यम से युवा अपने कौशल को और बेहतर कर सकेंगे तथा रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित नई संभावनाओं की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

जमीन पर बैठकर युवाओं के साथ किया भोजन

प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने पुनर्वासित युवाओं के साथ आत्मीयता और सहजता का परिचय देते हुए उनके साथ समय बिताया। इस दौरान युवाओं ने अपने हाथों से भोजन तैयार किया, जिसे प्रभारी सचिव ने उनके साथ जमीन पर बैठकर ग्रहण किया।

इस आत्मीय पहल से युवाओं में उत्साह और विश्वास का भाव देखने को मिला। उन्होंने युवाओं से बातचीत करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और कौशल के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में मिली नई संभावनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए युवा अपने परिवार, समाज और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

तुंगल डैम बनेगा पर्यटन का नया केंद्र

प्रवास के दौरान प्रभारी सचिव ने जिले के प्रसिद्ध तुंगल डैम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यावरणीय विशेषताओं और पर्यटन की संभावनाओं का जायजा लिया। तुंगल डैम को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने कलेक्टर अमित कुमार को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पर्यटन विकास के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं, पर्यटकों की सुविधा और क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती को संरक्षित रखते हुए विकास की संभावनाओं पर काम करने की बात कही। तुंगल डैम के व्यवस्थित विकास से स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।

बच्चों से मिले, पढ़ाई के लिए किया प्रेरित

तुंगल डैम में भ्रमण के लिए पहुंचे स्कूली बच्चों से भी प्रभारी सचिव ने आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, मेहनत करने और अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रभारी सचिव ने बच्चों से कहा कि शिक्षा ही भविष्य को बेहतर बनाने का सबसे मजबूत माध्यम है। मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने से वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं और आगे चलकर समाज तथा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पुनर्वास से विकास और विश्वास की ओर बढ़ता सुकमा

सुकमा जिले में पुनर्वास, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और पर्यटन विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। पुनर्वासित युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधन और रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

प्रशासन का यह प्रयास केवल युवाओं को रोजगार से जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक स्थान दिलाने और उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा में शांति, विकास, आत्मनिर्भरता और विश्वास की मजबूत नींव तैयार हो रही है।

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