सुशासन से समृद्धि की ओर बढ़ रहा सुकमा, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना विकास को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुकमा जिला सुरक्षा, सुशासन और विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सुकमा जिले को शांति, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन की प्रमुख योजनाओं, विभागीय कार्यों तथा सुशासन तिहार के आवेदनों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर अमित कुमार भी बैठक में उपस्थित रहे।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासकीय योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए। विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी और परिणामों का मूल्यांकन करने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता
बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कुपोषण को दूर करने के लिए प्रभावी एवं क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
मलेरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य विभाग को पूर्व तैयारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं की होम डिलीवरी की घटनाओं को कम करने के लिए समय रहते निगरानी, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की प्रभावी रणनीति तैयार करने को कहा गया।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने समय-सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूरा कराने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के साथ शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए नए अवसर
युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ने के साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित करने के निर्देश दिए गए। जिले की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप आजीविका के साधनों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
रेशम पालन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन यूनिट स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण रोजगार और मानव दिवस बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आय के स्थायी साधन विकसित करने को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर
प्रभारी सचिव ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए आम नागरिकों और हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने सभी शासकीय फाइलों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने और विभागीय कामकाज में डिजिटल व्यवस्था का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। प्रत्येक विभाग को अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित कर परिणाम आधारित कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए।
विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में सुकमा की अहम भूमिका
प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, आजीविका तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुकमा का विकास केवल जिले के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने शासन की कल्याणकारी योजनाओं को नक्सल पुनर्वास नीति और विकास कार्यों से जोड़कर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जिले में स्थायी शांति, विश्वास और आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय से विकास को मिलेगी गति
बैठक के अंत में कलेक्टर सुकमा ने प्रभारी सचिव को आश्वस्त किया कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कार्य करेंगे और योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
प्रशासन के इस मिशन मोड प्रयास से सुकमा में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, विकास कार्यों को गति देने और जिले की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है। सुशासन, विकास और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर आगे बढ़ता सुकमा अब शांति के साथ समृद्धि की ओर बढ़ने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।

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