वन विभाग की तत्परता से माउस डियर को मिला जीवन, उपचार के बाद प्राकृतिक आवास में सुरक्षित वापसी
वन मंत्री केदार कश्यप की संवेदनशील पहल से वन्यजीव संरक्षण को मिल रही नई मजबूती
रायपुर । वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वन विभाग की तत्परता ने एक बार फिर संवेदनशीलता और जिम्मेदार प्रबंधन की मिसाल पेश की है। दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक पहुंचे एक भयभीत माउस डियर का वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। उपचार और आवश्यक देखरेख के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
माउस डियर को प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया
कुत्तों के पीछा करने से घबराया माउस डियर भटकते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया था। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। आवश्यक उपचार और निगरानी के बाद जब माउस डियर पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, तो उसे बचेली वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।

रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम ने वन्यजीव को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाए जाने पर उसे जंगल में वापस भेजने का निर्णय लिया गया। इससे वन्यजीव को उसके प्राकृतिक पर्यावरण में दोबारा सुरक्षित जीवन का अवसर मिल सका।

संरक्षण के साथ संवर्धन पर जोर
माउस डियर दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है। वन मंत्री केदार कश्यप की संवेदनशील पहल और मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य केवल वन्यजीवों को सुरक्षित बचाना ही नहीं, बल्कि उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित जीवन का अवसर उपलब्ध कराना भी है।
इस रेस्क्यू अभियान ने यह संदेश भी दिया है कि वन्यजीवों के संरक्षण में विभाग के साथ आम नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है। आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना समय पर मिलने से उन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचाया जा सकता है।
वन्यजीव दिखे तो दूरी बनाए रखें, वन विभाग को दें सूचना
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आबादी क्षेत्र में कोई जंगली जानवर दिखाई देने पर उसे पकड़ने, भगाने या उसके करीब जाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। प्रशिक्षित वनकर्मी वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में पहुंचाएंगे।
वन विभाग ने कहा कि वन्यजीवों को घेरने या उनके पीछे जाने से वे भयभीत होकर आक्रामक हो सकते हैं या घायल हो सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए विभाग को सूचना देनी चाहिए।
वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन के प्रति शासन संवेदनशील
वन विभाग की तत्परता और नागरिकों की जागरूकता से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को भी कम किया जा सकेगा। यह घटना वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन के प्रति शासन की संवेदनशील सोच और विभाग की जिम्मेदार कार्यप्रणाली का प्रेरक उदाहरण है।
माउस डियर के सुरक्षित रेस्क्यू, उपचार और प्राकृतिक आवास में वापसी की यह कार्रवाई वन विभाग की तत्परता और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाती है। वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐसे प्रयास भविष्य में भी जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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