छटन में बनेगा ग्रामीण हाट, नाबार्ड ने स्वीकृत किए 17.49 लाख रुपये

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तोखन साहू के प्रयासों से लोरमी विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण बाजार की राह हुई आसान

बिलासपुर । लोरमी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छटन में ग्रामीण हाट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से नाबार्ड ने ग्रामीण हाट के निर्माण के लिए 17 लाख 49 हजार 165 रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। ग्रामीण हाट बनने से छटन और आसपास के गांवों के किसानों, कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थित बाजार उपलब्ध होगा।

नाबार्ड ने यह वित्तीय सहायता ग्रामीण एमएसएमई कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत की है। नाबार्ड द्वारा जारी स्वीकृति पत्र के अनुसार परियोजना को स्वीकृति पत्र स्वीकार किए जाने की तिथि से 12 माह के भीतर पूरा करना होगा। निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के उत्पादकों और व्यापारियों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसानों और स्थानीय उत्पादकों को मिलेगा बाजार

ग्राम छटन में ग्रामीण हाट के निर्माण से स्थानीय किसानों और उत्पादकों को अपने कृषि उत्पादों तथा अन्य ग्रामीण उत्पादों की बिक्री के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम होगी। गांव के आसपास ही बाजार उपलब्ध होने से उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

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ग्रामीण हाट में स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को भी अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए स्थान मिल सकेगा। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को भी बाजार उपलब्ध होने से ग्रामीण महिलाओं और समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

ग्रामीण हाट केवल खरीद-बिक्री का स्थान नहीं होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम भी बनेगा। किसानों, कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यापारियों को एक व्यवस्थित बाजार मिलने से ग्रामीण क्षेत्र में कारोबार की गतिविधियां बढ़ेंगी।

स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने से उत्पादकों को अपनी उपज और तैयार सामग्री के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आय के साथ रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की संभावना है।

स्थानीय उत्पादों की बिक्री को मिलेगा प्रोत्साहन

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान और छोटे उत्पादक कृषि उपज के साथ विभिन्न घरेलू और हस्तनिर्मित वस्तुओं का उत्पादन करते हैं। बाजार की सीमित उपलब्धता के कारण कई बार उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। ग्रामीण हाट बनने के बाद छटन और आसपास के क्षेत्र के ऐसे उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर ही बिक्री की सुविधा मिलेगी।

इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी आसपास ही विभिन्न वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रामीण हाट स्थानीय जरूरतों और स्थानीय उत्पादन के बीच एक बेहतर कड़ी के रूप में काम कर सकता है।

12 माह में पूरा करना होगा निर्माण

नाबार्ड की स्वीकृति के अनुसार ग्रामीण हाट की परियोजना को स्वीकृति पत्र स्वीकार किए जाने की तिथि से 12 महीने के भीतर पूर्ण किया जाना है। परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीणों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सकेगा।

ग्रामीण हाट के निर्माण से संबंधित कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का ध्यान रखने के साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित किए जाने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने की दिशा में कदम

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की ओर से बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्रीय योजनाओं और संस्थानों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम छटन में ग्रामीण हाट के लिए नाबार्ड से मिली वित्तीय स्वीकृति को ग्रामीण आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ग्रामीण हाट के माध्यम से किसानों, कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय व्यापारियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और आय तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

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