तखतपुर-बरेला मार्ग की शीघ्र मरम्मत के निर्देश, ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय

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केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए सख्त निर्देश

बिलासपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित आवागमन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने बैठक में जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में तखतपुर-बरेला मार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने सड़क की स्थिति पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को मार्ग की शीघ्र मरम्मत कर उसे आवागमन के लिए सुरक्षित और सुगम बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ब्लैक स्पॉट पर तत्काल किए जाएं सुरक्षा उपाय

तोखन साहू ने जिले के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल ब्लैक स्पॉट की पहचान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां दुर्घटनाओं की संभावना कम करने के लिए ठोस सुरक्षा उपाय भी किए जाने चाहिए।

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उन्होंने आवश्यकता के अनुसार स्पीड ब्रेकर, यातायात संकेतक, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और अन्य सड़क सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्गों तथा दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता मिल सके।

ओवरस्पीडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

बैठक में तेज रफ्तार से वाहन चलाने, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने के मामलों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों को ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी रोक लगाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में भी सख्ती बरतने को कहा। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन कराने के साथ लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाएं लाइसेंस शिविर

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाइसेंस बनवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय या अन्य स्थानों पर आने की जरूरत न पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज और लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया की जानकारी भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार चलाएं जागरूकता अभियान

तोखन साहू ने यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। वाहन चालकों और आम नागरिकों की जागरूकता से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।

उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख बाजारों सहित विभिन्न स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा तथा नशे में वाहन न चलाने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

सीसीटीवी और जंक्शन सुधार की भी समीक्षा

बैठक में जिले के विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, जंक्शन सुधार, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों और अन्य सड़क सुरक्षा कार्यों की समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने संवेदनशील और अधिक यातायात वाले स्थानों पर सीसीटीवी व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा जंक्शनों पर यातायात संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए। किसी एक विभाग के प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं को पूरी तरह नियंत्रित करना संभव नहीं है। सड़क निर्माण, यातायात प्रबंधन, पुलिस कार्रवाई, चिकित्सा सुविधा और जनजागरूकता सभी स्तरों पर एक साथ काम करना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री राहत योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिलाएं

बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री ने अधिकारियों से योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की स्थिति की जानकारी ली और पात्र लोगों को योजना का लाभ संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों को शासन की सहायता योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। पात्र हितग्राहियों की पहचान और प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

मैदानी स्तर पर दिखने चाहिए सड़क सुरक्षा के परिणाम

तोखन साहू ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य केवल बैठकों और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इनके ठोस परिणाम मैदानी स्तर पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में किए जा रहे सुधार कार्यों की नियमित निगरानी करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक कार्य में त्वरित कार्रवाई, गुणवत्ता और जवाबदेही जरूरी है। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ठोस कदम उठाएं।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि जिले में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था तैयार करना सामूहिक जिम्मेदारी है। खराब सड़कों की मरम्मत, ब्लैक स्पॉट का सुधार, यातायात नियमों का पालन, प्रभावी निगरानी और जागरूकता अभियान के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।

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