अवैध प्लाटिंग माफियाओं पर कार्रवाई की मांग, कलेक्टर से मिले पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल

निगम सीमा में नियम विरुद्ध प्लाटिंग से शासन को हो रही आर्थिक हानि का लगाया आरोप

राजनांदगांव । शहर में लगातार बढ़ रही अवैध प्लाटिंग की गतिविधियों को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। राजनांदगांव शहर की जन-जन की आवाज माने जाने वाले पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से जिला कलेक्टर से अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अपने पत्र में ओस्तवाल ने आरोप लगाया है कि नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 01 से 51 तक अवैध प्लाटिंग का खेल खुलेआम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा एवं महापौर मधुसूदन यादव के कथित संरक्षण में भू-माफिया और कुछ भूमि स्वामी बेखौफ होकर नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं।
मास्टर प्लान 2031 की खुलेआम अवहेलना
ओस्तवाल ने कहा कि शहर में लागू मास्टर प्लान वर्ष 2031 के विपरीत सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इससे न केवल शहर का सुनियोजित विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि शासन को भी भारी आर्थिक एवं वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों एवं भवन विभाग के प्रभारी अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल संचालित हो रहा है।
बिना डायवर्सन कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर सवाल
पूर्व पार्षद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि शहर के कई इलाकों—जैसे कलेक्टर बंगले के पीछे कौरिन भाटा रोड, राम दरबार के पास, लखोली वार्ड, बजरंगपुर नवागांव, मोतीपुर तथा महापौर के गृह वार्ड—में कृषि भूमि पर बिना डायवर्सन के अवैध रूप से प्लाटिंग कर रजिस्ट्रियां कराई जा रही हैं। इससे आम नागरिकों को गुमराह किया जा रहा है और भविष्य में उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
जिला पंजीयक कार्यालय से मांगी जाए जानकारी
हेमंत ओस्तवाल ने कलेक्टर से मांग की है कि जिला पंजीयक कार्यालय से अवैध प्लाटिंग से जुड़े खसरा नंबरों की रजिस्ट्री की पूरी जानकारी मंगाई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि किन अधिकारियों के हस्ताक्षर से अवैध प्लाटिंग को लेकर नोटिस जारी किए गए और फिर किन कारणों से उन मामलों को दबा दिया गया।
धारा 292 (ग)(2) के तहत कार्रवाई की मांग
ओस्तवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग)(2) के तहत अवैध प्लाटिंग एक दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद भू-माफियाओं और भूमि स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय लेन-देन कर मामलों को दबाने का खेल नगर निगम में चल रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
प्रशासन से सख्ती की उम्मीद
पूर्व पार्षद ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि शहर को अवैध प्लाटिंग के दलदल से बचाया जा सके और आम जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।

The News Related To The News Engaged In The https://apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

