सारंगढ़ की धरती पर रचेगा स्वर्णिम इतिहास


रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
गुरु घासीदास पुष्पबाटिका में 11 जनवरी को सम्मान, संवाद और साहित्य का विराट संगम


सारंगढ़–बिलाईगढ़ । सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के इतिहास में 11 जनवरी एक यादगार और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। जिले के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास पुष्पबाटिका परिसर में प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला, भव्य रात्रिकालीन कवि सम्मेलन एवं “सारंगढ़ रत्न” सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल पत्रकारिता और साहित्य का उत्सव बनेगा, बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने का ऐतिहासिक मंच भी सिद्ध होगा।

इस बहुआयामी और गरिमामयी आयोजन में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में जगन्नाथ पाणिग्राही (प्रदेश उपाध्यक्ष), गुरु खुशवंत साहेब (मंत्री – कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग), टंकराम वर्मा (प्रभारी मंत्री), राधेश्याम राठिया (सांसद, रायगढ़), उत्तरी जांगड़े (विधायक, सारंगढ़), कविता लहरे (विधायक, बिलाईगढ़), चातुरी नंद (विधायक, सरायपाली), सम्पत अग्रवाल (विधायक, बसना) एवं रामकुमार यादव (विधायक, चंद्रपुर) सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश कलाबाड़िया की विशेष उपस्थिति भी सुनिश्चित हुई है। उनकी मौजूदगी से पत्रकार सुरक्षा, अधिकार और गरिमा का संदेश पूरे देश तक पहुंचेगा।
यह भव्य आयोजन प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा के मार्गदर्शन, जिलाध्यक्ष नरेश चौहान के नेतृत्व तथा जिले के सभी पत्रकार साथियों के सामूहिक प्रयासों से साकार हो रहा है। आयोजन समिति से लेकर जमीनी स्तर तक पत्रकारों की सक्रिय भूमिका इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और अनुकरणीय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “सारंगढ़ रत्न सम्मान समारोह” होगा, जिसमें पत्रकारिता, साहित्य, समाजसेवा, शिक्षा, कला, संस्कृति, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और प्रेरणादायी कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समाज के लिए प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनेगा।
रात्रिकालीन कवि सम्मेलन आयोजन की आत्मा होगा। प्रसिद्ध कवि रामेश्वर बैष्णव, मशहूर शायर मीर अली मीर, कवि शशि भूषण स्नेही के संचालन में तथा भागवत साहू के संयोजन में कविता, शायरी, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों से सजी यह साहित्यिक संध्या श्रोताओं को भावविभोर कर देगी।
आयोजन को लेकर पत्रकार जगत, साहित्य प्रेमियों और आम नागरिकों में जबरदस्त उत्साह है। आयोजकों ने जिलेवासियों, पत्रकार साथियों एवं साहित्य प्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं।
11 जनवरी को गुरु घासीदास पुष्पबाटिका बनेगा—
कलम की ताकत, कविता की संवेदना और सम्मान की गरिमा का भव्य उत्सव।

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