कलशयात्रा के साथ त्रिदिवसीय शिव आराधना महोत्सव का शुभारंभ14 से 16 फरवरी तक श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला


रिपोर्टर ✒️ मनीष अग्रवाल
मुंगेली/सरगांव । माण्डूक्य ऋषि की तपःस्थली में प्रतिवर्षानुसार महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय शिव आराधना महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलशयात्रा के साथ हुआ। 14, 15 एवं 16 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस महोत्सव के पहले दिन श्रद्धा, भक्ति और लोकसंस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।



प्रातः महामाया मंदिर मदकू से कर्मा नर्तक दल एवं बाजे-गाजे के साथ कलशयात्रा निकाली गई। यात्रा में मदकू, ठेलकी, बासिन, बड़ियाडीह, देवाकर, लमती, किरना, मदवानी, दरूवनकापा, बारगांव सहित करीब 20 गांवों की बालिकाएं एवं महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। कलशयात्रा के साथ चलते कर्मा नृत्य दल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कलशयात्रा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। यज्ञमंडप में कलशयात्रा के प्रवेश के साथ ही यज्ञारंभ हुआ। तीन आवृत्ति रूद्राभिषेक के पश्चात हवन संपन्न कराया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव के द्वितीय दिवस महाशिवरात्रि पर रूद्राभिषेक, हवन एवं रात्रि में अहोरात्र रूद्राभिषेक किया जाएगा, जबकि तृतीय दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आयोजन स्थल पर पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
द्वीप क्षेत्र की साधना का विशेष महत्व
मदकूद्वीप चारों ओर से से घिरा हुआ है। यहीं शिवनाथ नदी दक्षिण से आकर उत्तर-पूर्व दिशा में ईशान कोण बनाते हुए प्रवाहित होती है। हिन्दू धर्म एवं प्राचीन वास्तुशास्त्र के अनुसार ईशान कोण में बहने वाली नदी के तट को अत्यंत पवित्र माना गया है। मान्यता है कि ऐसे ही स्थलों पर मंदिरों, बड़े नगरों एवं राजधानियों की स्थापना की जाती रही है। 21 से 23 डिग्री के कोण को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है—अयोध्या में सरयू 22 डिग्री, प्रयाग में 23 डिग्री तथा माण्डूक्य द्वीप में भी यह प्रवाह लगभग 22 डिग्री पर माना गया है। यही कारण है कि प्राचीन काल से यह स्थल सनातन धर्मावलंबियों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व का केंद्र रहा है, जहां विशाल यज्ञ एवं साधनाएं होती रही हैं।

कलशयात्रा में जिला पंचायत सभापति अम्बालिका साहू, नगर पंचायत सरगांव अध्यक्ष परमानंद साहू, जनपद सभापति मनीष साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष पोषण यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सरपंचगण, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों—मदकू, ठेलकी, बासिन, बड़ियाडीह, देवाकर, लमती, किरना, मदवानी, दरूवनकापा, बारगांव, चंद्रखुरी, परसवानी, कड़ार, कोटमी, अकोली, दतरेंगी, अमलडीहा, घुठिया आदि—से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

The News Related To The News Engaged In The https://apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.



