मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से साकार हुए सपने
रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह
बेटियों की गरिमा को मिला सम्मान, 996 कन्याएं बनीं खुशहाल जीवन की भागीदार
कवर्धा । छत्तीसगढ़ में सामाजिक सरोकारों को नई दिशा दे रही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए संबल बनकर सामने आई है। बढ़ते विवाह खर्चों से जूझ रहे परिवारों के लिए यह योजना राहत का माध्यम बनी है, जिससे बेटियों का विवाह सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न हो पा रहा है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित इस योजना का असर कवर्धा जिले में साफ नजर आ रहा है। जिले में अब तक 996 कन्याएं इस योजना के तहत परिणय सूत्र में बंध चुकी हैं। यह आंकड़ा बताता है कि शासन की यह पहल जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित हो रही है।
क्या है योजना का लाभ
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रति जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें मंगलसूत्र, वर-वधु के वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, चुनरी, साफा, उपहार सामग्री शामिल है। साथ ही 35 हजार रुपये की राशि वधु के बैंक खाते या ड्राफ्ट के माध्यम से सीधे प्रदान की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
सामाजिक बदलाव की मिसाल
योजना से लाभान्वित परिवारों का कहना है कि पहले आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की शादी टालनी पड़ती थी या कर्ज का सहारा लेना पड़ता था। अब शासन की इस सहायता से विवाह सरल और सम्मानजनक हो गया है। सामूहिक विवाह की व्यवस्था से न केवल खर्च कम होता है, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है।
सम्मान और स्वाभिमान का संदेश
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और स्वाभिमान को मजबूत करती है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह संदेश स्पष्ट है कि हर बेटी का सपना महत्वपूर्ण है और उसका विवाह गरिमा के साथ होना चाहिए।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ की गरीब और कमजोर वर्ग की बेटियों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है और सामाजिक बदलाव की सशक्त मिसाल पेश कर रही है।

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