रायपुर में ऑनलाइन सट्टा और पेमेंट गेट-वे गिरोह का भंडाफोड़

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• दुबई कनेक्शन, गोवा में ऑफिस, 431 म्यूल खातों से करोड़ों का लेन-देन, 7 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी रायपुर में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और पेमेंट गेट-वे पैनल के जरिए अवैध लेन-देन करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। रायपुर और गोवा में एक साथ की गई कार्रवाई में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, राउटर, नकदी और कार समेत करीब 22.14 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई है। जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है।



पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने के साथ-साथ सट्टे की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए अलग से पेमेंट गेट-वे पैनल संचालित कर रहा था। पूरे नेटवर्क पर पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। आरोपियों की बदलती रणनीति को देखते हुए एसीसीयू की टीम ने भी तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी के जरिए कार्रवाई को अंजाम दिया।

मुक्तिधाम के पास मिली थी पहली सूचना

दिनांक 25 फरवरी 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली कि थाना न्यू राजेन्द्र नगर क्षेत्र अंतर्गत मुक्तिधाम के पास एक खाली मैदान में खड़ी चारपहिया वाहन में कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसीसीयू और थाना न्यू राजेन्द्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन को घेराबंदी कर पकड़ा।

वाहन में बैठे दो व्यक्तियों ने पूछताछ में अपने नाम प्रतीक कुमार वीधवानी और सैन्की देवड़ा, निवासी अमलीडीह न्यू राजेन्द्र नगर, बताए। दोनों के मोबाइल फोन की जांच में 23exch9.com, allpenalexch.com और 99.com जैसे ऑनलाइन बैटिंग पैनलों के जरिए मास्टर आईडी बनाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही वे अन्य राज्यों में चल रहे पैनलों से आने वाली राशि के लिए व्हाट्सएप आधारित पेमेंट गेट-वे का संचालन भी कर रहे थे।

गोवा में किराए के मकान से चल रहा था गेट-वे

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके अन्य साथी गोवा में बैठकर पेमेंट गेट-वे पैनल का संचालन कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम गोवा रवाना हुई, जहां किराए के मकान में बनाए गए ऑफिस से गेट-वे पैनल संचालित करते हुए पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।



दुबई से लौटे थे मुख्य आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रतीक कुमार और सैन्की देवड़ा हाल ही में दुबई से लौटे थे और भारत में पेमेंट गेट-वे के काम को संभाल रहे थे। पूर्व में प्रतीक कुमार ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के एक मामले में जेल भी जा चुका है।

431 म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने सट्टे के पैसों के लेन-देन के लिए अलग-अलग बैंकों में 431 म्यूल बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों के जरिए अवैध रकम का डिपॉजिट और विड्रॉल किया जाता था। बड़ी संख्या में स्कैनर कोड और पैसा जमा करने की पर्चियां भी मिली हैं। खातों से जुड़े 53 मोबाइल फोन को लिंक पाया गया है, जिन्हें ब्लॉक कराने की कार्रवाई चल रही है।

क्रिप्टो करेंसी से भेजी जा रही थी रकम

आरोपियों द्वारा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से अर्जित अवैध धन को क्रिप्टो करेंसी/यूएसडीटी के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पैनल संचालकों तक पहुंचाया जा रहा था। अब तक की जांच में 46,500 यूएसडीटी (लगभग 42 लाख रुपये) क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है। इस लेन-देन की विस्तृत जांच जारी है।

क्या-क्या हुआ जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 24,600 रुपये नकद, 5 लैपटॉप, 1 टैब, 58 मोबाइल फोन/आईफोन, 12 एटीएम कार्ड, 3 राउटर, 4 पासबुक और बलेनो कार क्रमांक CG 12 BM 9660 जब्त की है। कुल जब्ती की कीमत लगभग 22,14,600 रुपये बताई गई है।

मामला दर्ज, आगे भी होगी कार्रवाई

थाना न्यू राजेन्द्र नगर में अपराध क्रमांक 89/26 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं 112 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले आईडी धारकों की जानकारी भी मिली है, जिनके खिलाफ आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा ऑनलाइन सट्टा के 5 मामलों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 2.14 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया जा चुका है।

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