पामगढ़ में ममता शर्मसार: हैवान पिता ने 5 वर्षीय मासूम को नहर में डुबोकर मार डाला।

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पारिवारिक विवाद की भेंट चढ़ा मासूम आयुष, पुलिस ने आरोपी पिता को चंद घंटों में दबोचा

जांजगीर-चांपा/पामगढ़ | जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक कलयुगी पिता ने अपने ही 5 वर्षीय मासूम बेटे की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने पारिवारिक कलह के चलते मासूम को नहर के गहरे पानी में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
विवाद और धमकियों का खौफनाक अंत
ग्राम भैसो निवासी आरोपी रेशम लाल यादव (27 वर्ष) का विवाह वर्ष 2018 में हुआ था। आरोपी के तीन बच्चे हैं, लेकिन वैवाहिक जीवन में लगातार हो रहे विवाद और मारपीट के कारण स्थिति बिगड़ती गई। घरेलू हिंसा से तंग आकर आरोपी की पत्नी अपनी दो बेटियों को लेकर अपने मायके ग्राम भिलौनी चली गई थी। बेटा आयुष अपने पिता रेशम के पास ही रह गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी अक्सर अपनी पत्नी को फोन पर धमकी देता था कि वह पहले बेटे को मार डालेगा और फिर खुद भी जान दे देगा।
आधी रात को रची मौत की साजिश
वारदात की रात 13 मार्च को आरोपी मासूम आयुष को लेकर घर से निकला था। 14 मार्च की रात करीब 1 बजे, जब चारों ओर सन्नाटा था, आरोपी ग्राम भिलौनी के आवास पारा स्थित नहर के पास पहुँचा। वहाँ उसने अपने ही कलेजे के टुकड़े को ठंडे दिमाग से पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी करीब 2 बजे अपनी पत्नी के घर पहुँचा और स्वयं ही स्वीकार किया कि उसने आयुष को मार डाला है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन एवं SDOP अकलतरा प्रदीप कुमार सोरी के नेतृत्व में पामगढ़ पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। थाना प्रभारी सावन सारथी ने टीम के साथ मौके पर पहुँचकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी रेशम यादव ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पामगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया।
सराहनीय भूमिका:  इस त्वरित कार्यवाही में निरीक्षक सावन सारथी (थाना प्रभारी पामगढ़), सउनि संतोष बंजारे, रामदुलार साहू, प्रआर राजेश कोशले और भुवनेश्वर पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल है। एक पिता द्वारा अपने ही पुत्र की बलि चढ़ा देने की इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

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