रायपुर में अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ का खुलासा; मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

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रायपुर। सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए Raipur Police ने एक अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। संयुक्त ऑपरेशन में एसीसीयू, एएनटीएफ और थाना तेलीबांधा पुलिस ने मिलकर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचते हुए मास्टरमाइंड सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई की मॉनिटरिंग पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा की गई।

‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ से होती थी सप्लाई

जांच में सामने आया कि गिरोह “डेड ड्रॉप सिस्टम” का इस्तेमाल कर रहा था। इस पद्धति में ड्रग्स को सीधे ग्राहक को देने के बजाय शहर के सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था और फिर उसकी लोकेशन व वीडियो व्हाट्सएप के जरिए ग्राहक तक पहुंचाई जाती थी। इससे आरोपी सीधे संपर्क से बचते थे और पकड़े जाने का जोखिम कम होता था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के जरिए इस सिस्टम को भेद दिया।

दिल्ली से संचालित हो रहा था नेटवर्क

पूरे सिंडिकेट का संचालन दिल्ली से किया जा रहा था। मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा वहीं से एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स और “पार्टी पिल्स” की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। दोनों आरोपी पूर्व में वर्ष 2024 में भी ड्रग्स प्रकरण में जेल जा चुके हैं, जिससे इनके संगठित अपराध में लंबे समय से सक्रिय होने के संकेत मिलते हैं।

कोरियर और राइडर के जरिए डिलीवरी

गिरोह ड्रग्स को पहले कोरियर के माध्यम से रायपुर भेजता था, जहां स्थानीय स्तर पर कुणाल मंगतानी इसे रिसीव करता था। इसके बाद रैपिडो बाइक राइडरों—सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव—के जरिए ड्रग्स को तय लोकेशन पर “ड्रॉप” कराया जाता था। भुगतान के लिए विभिन्न बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था, जिससे ट्रांजैक्शन का ट्रैक कठिन हो सके।

ऐसे खुला पूरा नेटवर्क

एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि शहर में राइडरों के जरिए एमडीएमए की सप्लाई की जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने 29 मार्च को तेलीबांधा क्षेत्र के काशीराम नगर के पास तीन राइडरों को रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने कुणाल मंगतानी का नाम लिया, जो कोरियर से ड्रग्स प्राप्त कर आगे सप्लाई कराता था।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों—कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और बैंकिंग ट्रेल—के आधार पर दिल्ली कनेक्शन स्थापित किया और विशेष टीम को दिल्ली रवाना किया।

दिल्ली से मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने दिल्ली के पंचशील विहार इलाके में दबिश देकर महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा को चिन्हांकित किया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर रायपुर बुलाया गया, जहां उनकी संलिप्तता प्रमाणित होने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदने की बात स्वीकार की है। इस एंगल पर पुलिस आगे जांच कर रही है।

10 लाख से अधिक की सामग्री जब्त

कार्रवाई में पुलिस ने 48.03 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स (अनुमानित कीमत 7 लाख रुपए), 8 नग पार्टी पिल्स, 9 मोबाइल फोन, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और ड्रग्स सप्लाई में प्रयुक्त कोरियर बॉक्स जब्त किया है। कुल जब्ती की कीमत लगभग 10 लाख रुपए आंकी गई है।

आरोपियों की भूमिका

जांच में प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट हुई है—

  • महेश खड़का व कुसुम हिन्दुजा: नेटवर्क के मास्टरमाइंड और ऑपरेशन कंट्रोल
  • कुणाल मंगतानी: कोरियर से ड्रग्स रिसीव करने वाला
  • सौरभ यादव, शुभम राठौर, सौरभ डोंगरे: राइडर के रूप में ड्रग्स डिलीवरी करने वाले

कानूनी कार्रवाई और पुलिस की अपील

थाना तेलीबांधा में आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक एक्ट की धारा 22(ख) के तहत अपराध दर्ज कर सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सिंथेटिक ड्रग्स जैसे खतरनाक नशे से दूर रहें और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस कार्रवाई से रायपुर सहित अन्य राज्यों में फैले ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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