छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें यथावत: अप्रैल-जून तिमाही में नहीं होगा कोई बदलाव
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों को राहत देते हुए अप्रैल से जून 2026 की तिमाही के लिए ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह लगातार आठवीं तिमाही है जब इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सभी प्रमुख योजनाओं पर दरें जस की तस
सरकार के इस फैसले के तहत लोकप्रिय योजनाओं जैसे Public Provident Fund (पीपीएफ), National Savings Certificate (एनएससी) और Kisan Vikas Patra (केवीपी) की ब्याज दरें पूर्ववत बनी रहेंगी।
अधिसूचना के अनुसार:
- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 8.2%
- पीपीएफ: 7.1%
- एनएससी: 7.7%
- केवीपी: 7.5%
- पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट: 4%
- तीन वर्ष का टर्म डिपॉजिट: 7.1%
- मंथली इनकम स्कीम: 7.4%
तिमाही समीक्षा की व्यवस्था
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही करती है और आमतौर पर तिमाही के अंतिम कार्य दिवस पर नई दरों की घोषणा की जाती है। इस बार भी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून 2026) के लिए दरें पिछली तिमाही के समान ही रखी गई हैं।
निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प
छोटी बचत योजनाओं को निवेश के लिहाज से सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इन पर भारत सरकार की गारंटी होती है। यही वजह है कि जोखिम से बचने वाले निवेशकों के बीच ये योजनाएं काफी लोकप्रिय हैं।
टैक्स छूट का भी लाभ
इन योजनाओं में निवेश करने पर करदाताओं को टैक्स में भी राहत मिलती है। Income Tax Act Section 80C के तहत पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धि योजना में किए गए निवेश पर 1.5 लाख रुपए तक की छूट का लाभ लिया जा सकता है।
बैंक और पोस्ट ऑफिस से उपलब्ध
ज्यादातर छोटी बचत योजनाएं पोस्ट ऑफिस और बैंकों के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे आम लोगों के लिए निवेश करना सरल हो जाता है।
सरकार के इस फैसले से उन निवेशकों को स्थिरता का भरोसा मिलेगा, जो सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं।

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