मदकू द्वीप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया 36वां हनुमान जन्मोत्सव, भजनों की स्वर लहरियों से गुंजायमान हुआ द्वीप क्षेत्र
रिपोर्टर ✒️ मनीष अग्रवाल
सरगांव । मांडूक्य ऋषि की तपस्थली श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू में 36वां हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। पिछले 35 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे इस धार्मिक आयोजन में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संत श्री रामरूप दास महात्यागी ने अपने उद्बोधन में हनुमान जी के व्यक्तित्व को आधुनिक प्रबंधन के दृष्टिकोण से व्याख्यायित करते हुए कहा कि हनुमान जी विश्व के प्रथम “मैनेजमेंट गुरु” हैं। उन्होंने बताया कि हनुमान जी केवल शक्ति और भक्ति के प्रतीक ही नहीं, बल्कि उत्कृष्ट नेतृत्व, समय प्रबंधन, निर्णय क्षमता और संकट समाधान के आदर्श उदाहरण भी हैं।
उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम ने उन्हें माता सीता की खोज का दायित्व सौंपा, तब हनुमान जी ने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से समझकर पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया, जो लक्ष्य निर्धारण और उसके प्रति समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण है। अशोक वाटिका में परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेना, लंका दहन करना तथा समय पर लौटकर समस्त जानकारी देना उनकी प्रभावी संवाद क्षमता और निर्णय कौशल को दर्शाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके पश्चात सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया गया, जिससे संपूर्ण द्वीप परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया। बजरंगबली के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
हनुमान चालीसा पाठ के उपरांत बुंदेलखंड की प्रसिद्ध लोक भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान सुप्रसिद्ध कलाकार दीपक द्विवेदी (लहर) एवं कमला राजपूत (नादान) ने अपने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ भरपूर सराहना की। बुंदेलखंडी लोक संस्कृति की इस अनूठी छटा ने आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ा।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली शिवनाथ नदी की पारंपरिक नौका दौड़ प्रतियोगिता इस वर्ष भी पर्याप्त जल स्तर के अभाव में नहीं हो सकी, जिससे श्रद्धालुओं में हल्की निराशा देखने को मिली। श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप सेवा समिति एवं श्री राधाकृष्ण मंदिर सेवा समिति मदकू के द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम में संत श्री रामरूप दास महात्यागी, गुरदास मल हुरा, जीवन लाल कौशिक, राममनोहर दुबे, प्रदीप शुक्ला, ललित सिंह ठाकुर, भगवती प्रसाद मिश्र, मनीष अग्रवाल, अनिल वर्मा, प्रमोद दुबे, विजय सिंह, मनीष मिश्रा , रवींद्र शर्मा (भाटापारा), परस साहू,फेरहा राम साहू, संजय सिंह, कमलेश अग्रवाल, गोपाल जुनेजा, नेतराम सोनवानी सहित आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर मदकू द्वीप की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को सशक्त रूप से उजागर किया।

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