एनटीपीसी स्थापना दिवस: ऊर्जा विकास में 50 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा।


एनटीपीसी (NTPC) ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर ऊर्जा क्षेत्र में एनटीपीसी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया जा रहा है। भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में एनटीपीसी ने अपने मजबूत विज़न, तकनीकी दक्षता और सतत विकास के संकल्प के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
थर्मल से लेकर सौर, पवन, जल और न्यूक्लियर ऊर्जा तक
एनटीपीसी ने बीते पांच दशकों में पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार किया है। आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए एनटीपीसी ने सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दिया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भारत को नई गति मिली है।
केवल ऊर्जा उत्पादन ही नहीं, सामाजिक विकास में भी अग्रणी
विद्युत उत्पादन के साथ-साथ एनटीपीसी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में भी सार्थक कार्य किया है। कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के अंतर्गत हुए विभिन्न कार्यक्रमों से अनेक समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा है।
छत्तीसगढ़ का गौरव: एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन
बिलासपुर जिले के सीपत में स्थापित एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्युत आपूर्ति तंत्र में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्नत तकनीक, सक्षम संचालन और उच्च उत्पादन क्षमता के आधार पर यह स्टेशन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सीपत पावर स्टेशन द्वारा स्थानीय रोजगार, प्रशिक्षण अवसर, तथा सामाजिक सरोकारों के लिए संचालित जनहित योजनाएँ क्षेत्र के समग्र विकास के उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
स्वर्णिम संदेश:
50 वर्षों से आगे… ऊर्जा और विश्वास के अनंत सफर पर।
एनटीपीसी का यह सफर केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह देश के विकास, समुदायों की प्रगति और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक है।



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