सुशासन तिहार शिविर में पहुंचा बिजली बिल गड़बड़ी का मामला
जनदर्शन में दो बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान, उपभोक्ता ने शिविर में लगाई न्याय की गुहार
मुंगेली/जरहागांव। नगर पंचायत जरहागांव निवासी पूर्णिमा जायसवाल ने बिजली बिल में कथित त्रुटियों और विभागीय लापरवाही को लेकर एक बार फिर शिकायत दर्ज कराई है। लंबे समय से समाधान नहीं मिलने से परेशान उपभोक्ता ने छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार शिविर में आवेदन प्रस्तुत कर प्रकरण के निराकरण की मांग की है।
आवेदन के अनुसार उपभोक्ता क्रमांक 1009318359 के बिजली बिल में गंभीर अनियमितता सामने आई है। शिकायतकर्ता पूर्णिमा जायसवाल ने बताया कि मार्च 2025 में बिजली विभाग द्वारा गलत मीटर रीडिंग दर्ज कर अत्यधिक राशि का बिल जारी किया गया। विभागीय कर्मचारी द्वारा 5484 यूनिट की मीटर रीडिंग दर्ज कर लगभग 52 हजार 210 रुपये का बिल अपलोड किया गया, जबकि बाद में मार्च 2025 के बिल में 52 हजार 980 रुपये एवं 65 हजार 910 रुपये की राशि दर्शाई गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें मोर बिजली एप के माध्यम से बिल की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तत्काल विभागीय अधिकारियों को शिकायत की। इसके अलावा कलेक्टर जनदर्शन में भी प्रकरण को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। जनदर्शन में टोकन क्रमांक 11331 दिनांक 10 जून 2025 तथा टोकन क्रमांक 14304 दिनांक 25 नवंबर 2025 के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
जनदर्शन में त्रुटि स्वीकार, फिर भी नहीं हुआ समाधान
आवेदिका का आरोप है कि जनदर्शन में हुई सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों ने बिजली बिल में त्रुटि होने की बात स्वीकार की थी, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि जरहागांव क्षेत्र में नियमित मीटर रीडिंग एवं बिजली बिल वितरण की व्यवस्था भी प्रभावित है। कई उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिलते, जिससे अनावश्यक विवाद और आर्थिक परेशानी उत्पन्न होती है। इस संबंध में भी वर्षों से शिकायत की जा रही है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है।
सुशासन तिहार शिविर में की निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्णिमा जायसवाल ने सुशासन तिहार शिविर में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए गलत मीटर रीडिंग और त्रुटिपूर्ण स्लैबिंग के आधार पर जारी बिजली बिलों में सुधार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं मिलना उपभोक्ता अधिकारों का हनन है।
आवेदन के साथ पूर्व में विभाग को दिए गए आवेदन, जनदर्शन शिकायतों की प्रतियां तथा सहायक यंत्री कार्यालय में दर्ज शिकायत क्रमांक 473 एवं 1084 की प्रतिलिपियां भी संलग्न की गई हैं।
समाधान की उम्मीद में उपभोक्ता
शिकायतकर्ता ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच कर वास्तविक बिजली खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी किया जाए तथा भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
अब उपभोक्ता की निगाहें सुशासन तिहार शिविर में दर्ज शिकायत के निराकरण पर टिकी हैं। यदि इस बार भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो मामला उच्च स्तर तक पहुंच सकता है।






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